यह प्रशिक्षण आठ मार्च तक चलेगा।
सेना के गरुड़ डिवीजन के अफसरों के मुताबिक यह युद्ध अभ्यास पर्वतीय क्षेत्र की स्थितियों में आंतरिक विद्रोह और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए जवानों को तैयार करने के मकसद से हो रहा है। दो सप्ताह के इस युद्ध अभ्यास में 200 नेपाली सैनिक और 270 भारतीय पर्वतीय ब्रिगेड के सैनिक रहेंगे। अभ्यास के दौरान एक-दूसरे के संगठन, हथियार, उपकरण और टेक्टिकल ड्रिल के बारे में जानकारी करेंगे। प्रशिक्षण में दोनों देशों की सेनाएं आतंकवाद के खिलाफ विभिन्न आपरेशनों में उच्चकोटि की युद्ध तकनीकों को अपनाने की जानकारी भी हासिल करेंगे। दोनों देशों के विशेषज्ञ आपसी रणनीति, संयुक्त अभ्यास और विशेष बल के गठन पर विचार-विमर्श करेंगे।