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कम होगी ट्रेनों की लेटलतीफी: दो रेलखंडों में स्वचालित सिग्नल प्रणाली शुरू, अब बरेली-रोजा रेलखंड में होगा काम

Sun, 30 Nov 2025 04:11 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

दो रेलखंडों पर स्वचालित सिग्नल प्रणाली शुरू हो गई है। अब बरेली-रोजा रेलखंड पर काम होगा। इस प्रणाली से स्टेशन के आउटर पर ट्रेन नहीं रुकेगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी भी कम होगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जंगबहादुरगंज-मैगलगंज-नेरी और हरौली-डासना-पिलखुआ रेलखंडों में ऑटोमेटिक-ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) यानी स्वचालित सिग्नल प्रणाली का काम पूरा हो गया है। इसके जरिये ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। एबीएस से ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ एक ही रेलखंड में ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों को चलाया जा सकेगा। अब बरेली-रोजा रेलखंड में एबीएस का काम इसी साल शुरू हो जाएगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने की उम्मीद है।

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एबीएस के तहत रेलवे ने हर सेक्शन में सिग्नल की संख्या को बढ़ाकर दो सिग्नलों के बीच की दूरी कम की है। इससे एक गाड़ी गुजरने के बाद दूसरी गाड़ी को जल्दी सिग्नल मिल जाएगा। गाड़ियों को आउटर पर भी नहीं रोकना पड़ेगा। नई प्रणाली में हर किलोमीटर पर एक सिग्नल दिया है। इससे लोको पायलट को आगे चल रही गाड़ी के बारे में लगातार जानकारी मिलती रहेगी। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। 

रेलवे की मौजूदा सिग्नल प्रणाली 50-60 साल पुरानी है। इसमें एक स्टेशन से ट्रेन छूटने के बाद उसको अगला सिग्नल दूसरे स्टेशन के आउटर पर मिलता है। सिग्नल के बीच की दूरी 10-12 किलोमीटर है। इससे पीछे आ रही ट्रेन को सिग्नल मिलने में देरी होती है। एबीएस में इस दूरी को घटाकर एक किलोमीटर किया गया है।

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परियोजना पर खर्च हो रहे 1500 करोड़
गाड़ियों के सुरक्षित और समयबद्ध संचालन के लिए रेलवे गाजियाबाद-मुरादाबाद-बरेली-रोजा रेलखंड व रोजा-सीतापुर में स्वचालित सिग्नल प्रणाली पर 1500 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। दो साल पहले परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन काम धीमा होने के कारण अब तक दो रेलखंडों में ही पूरा हो सका है। 

मुरादाबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि एबीएस एक ही दिशा में कई ट्रेनों को चलाने में सहायक प्रणाली है। एक ट्रेन के पास होने के बाद दूसरी को सिग्नल मिलने में देरी नहीं होगी। इस प्रणाली में सेंसर के जरिये ट्रैक पर गाड़ी की मौजूदगी की प्रत्येक ब्लॉक सेक्शन में निगरानी रखी जा सकेगी। जल्द ही बरेली-रोजा के बीच एबीएस का काम शुरू कराया जाएगा। 
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