संजयनगर के दुर्गानगर मोड़ से अगवा लड़की को पुलिस ने उसकी बुआ के घर लाडपुर गांव से बरामद कर लिया है। चाचा और छोटा भाई अपने साथियों के साथ पति के सामने ही उसे उठा ले गया था। पुलिस ने लड़की की मां को हिरासत में ले लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई मगर कोई हाथ नहीं आया।
मंगलवार सुबह 10.30 बजे दुर्गानगर निवासी सोनू चौधरी अपनी पत्नी सोनी गंगवार को बाइक से लेकर जा रहा था। दुर्गानगर मोड़ पर ही सोनी के चाचा सुभाष, छोटे भाई महेश गंगवार समेत पांच लोग उसे उठाकर कार में डाल ले गए। दिनदहाड़े हुई अपहरण की सनसनीखेज वारदात से पुलिस के आला अफसरों में हड़कंप मच गया था। सोनी के माता-पिता, भाई और दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। देर रात पुलिस थाना हाफिजगंज के लाडपुर गांव स्थित लड़की की बुआ के घर पहुंची तो वह मिल गई। लड़की की मां भी उसके साथ थी। पुलिस को देखते ही लड़की के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। पुलिस वहां से लड़की और उसकी मां को थाने ले आई, लेकिन बाकी कोई आरोपी अभी तक नहीं पकड़ा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दूसरी जगह शादी करने को सोनी को अगवा किया गया था। लड़की के चाचा और भाई के साथ केसरपुर गांव का दरबारी लाल और उसके साथ शादी तय कराने वाला बिचौलिया भी था। दरबारी लाल से लड़की की शादी तय हो चुकी थी। चाचा लड़की को उसी के सुपुर्द करने के लिए अगवा कर ले गया था। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि लड़की बरामद हो गई है। बाकी अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
बिरादरी की दीवार लांघकर की थी शादी
संजयनगर की रहने वाली सोनी गंगवार कोचिंग के दौरान दुर्गानगर कॉलोनी के सोनू चौधरी के संपर्क में आई। दोनों अलग-अलग बिरादरी के हैं, लेकिन एक-दूसरे को चाहने लगे और साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया। परिवार वालों को सोनी की प्रेम कहानी की जानकारी हुई तो उन्होंने शादी करने से इनकार कर दिया जबकि सोनी शादी की जिद पर अड़ी थी। बताया जा रहा है कि छह अक्तूबर को इसी जिद पर परिवार वालों ने पिटाई की तो सोनी सोनू चौधरी घर पहुंच गई। परिवार वालों ने सात अक्तूबर को सोनू और सोनी की आर्य समाज मंदिर में शादी कराकरप्रमाण पत्र हासिल करके उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लिया। 18 अक्तूबर को कोर्ट में बयान होने के बाद उसे छोड़ दिया।