बरेली। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटस ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की बरेली शाखा ने कार्यालय पर बृहस्पतिवार को बैंक ऑडिट विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। इसमें डिजिटल बैंकिंग और तकनीकी परिवर्तन के दौर में ऑडिटर्स को भी अपडेट रहने पर जोर दिया गया।
वित्तीय वर्ष के आखिर में चल रहे विभिन्न विभागों और टैक्स ऑडिट को ध्यान में रखते हुए संगोष्ठी में व्यावहारिक, तकनीकी, नियामकीय पहलुओं की जानकारियां विशेषज्ञों ने दी। मुख्य अतिथि यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज टंडन ने ऑडिटर्स और बैंकिंग संस्थानों में बेहतर समन्वय की बात कही। सीए अनिरुद्ध तिवारी ने ऑडिट योजना, जोखिम, एनपीए पहचान, आय की मान्यता, प्रावधानों संबंधित जानकारी साझा कीं। सभी से ऑडिट के दौरान सतर्कता और सही प्रोफेशनल जजमेंटव को समझाया। सीए राजीव गुप्ता ने तकनीकी पहलु, रिपोर्टिंग के बारे में बताया।
इसमें कृषि आधारित ऋण, एलएफएआर की तैयारी, डॉक्यूमेंटेशन, बदले नियामकीय प्रावधान को समझाते हुए अपडेट रहने के लिए कहा। सीए अरुण अग्रवाल ने बैंक ऑडिट में पारदर्शिता, निष्पक्षता, नैतिक मूल्य का महत्व बताया।
संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से बैंक ऑडिट संबंधी सवाल पूछे, जिनके जवाब भी दिए गए। इस दौरान संगठन अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, सचिव सीए गौरव अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीए विनीश अरोड़ा समेत सीए अमित टंडन, सीए प्रदीप तिवारी, सीए रीतेश व अन्य लोग मौजूद रहे।