बरेली। सेटेलाइट तिराहे पर सड़क घेरकर सवारियां भर रहीं बसें जाम का सबब बन रही हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। दो दिन पहले नाले में गिरकर युवक की मौत के बाद भी प्रशासन नहीं चेत रहा है।
नगर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार सेटेलाइट बस अड्डे पर रोज 650 बसों का आवागमन होता है। मालियों की पुलिया से सेटेलाइट तिराहे तक हरदोई व शाहजहांपुर की बसें लाइन से खड़ी रहती हैं। पीलीभीत व दिल्ली की बसें भी यहीं सड़क पर सवारियां भरती हैं। बस चालक निर्धारित स्टॉप के बजाय जहां जगह मिलती है, वहीं बस रोककर सवारियां बैठाने-उतारने लगते हैं। सड़क पर खड़े ऑटो व ठेले परेशानी को और बढ़ा देते हैं। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। सुबह-शाम दफ्तर और स्कूल आने-जाने वालों का दबाव बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
रोडवेज बसें भी बेतरतीब तरीके से होती हैं खड
परिसर में रोडवेज बसें भी बेतरतीब तरीके से खड़ी होती हैं। इससे मेरा व्यापार प्रभावित होता है। बसें अचानक रुकने से दुर्घटना का डर बना रहता है। - रोहित यादव, व्यापारी
रोज का यही हाल है। आरटीओ चालान करते हैं, ठेले वालों को भगाते हैं, फिर भी जाम लगता रहता है। लोगों को दुकान दिखाई ही नहीं पड़ती है। - राजेंद्र कुमार, व्यापारी
अगर बस स्टॉप पर ही बस मिलें तो यात्रियों को भी सहूलियत होगी, पर यहां व्यवस्था सही नहीं है। सड़क पर बसें खड़ी होने से जाम लगता है। - अरविंद त्रिपाठी, यात्री
बसें अव्यवस्थित ढंग से खड़ी होने से पता ही नहीं चलता कि कौन सी बस कहां जा रही हैं। जाम अलग से लग रहा है। इसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। - सोनू सिंह, महानगर कॉलोनी
वर्जन
दो दिनों से नगर निगम ने नाले के ढक्कन को खुला छोड़ दिया है, इस वजह से कुछ बसें बस अड्डे के अंदर नहीं आ पा रही हैं। इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। - एके वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड डिपो