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Bareilly News: फिजियोथेरेपिस्ट को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश

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बरेली। शहर निवासी फिजियोथेरेपिस्ट को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। पुलिस की वर्दी में उन्हें धमकाया। होशियारी दिखाते हुए उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लुटने से बचा ली। अब साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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दुर्गा कॉलोनी संजयनगर निवासी फिजियोथेरेपिस्ट के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई से रवि कुमार बताया। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड पर लखनऊ के आलमबाग स्थित स्टोर से एक सिम खरीदा गया है। फिर कहा गया कि हम सीधे आलमबाग पुलिस स्टेशन से आपकी बात करा देते हैं। इसके बाद वॉयस कॉल को वीडियो कॉल में कन्वर्ट कर दिया गया। दूसरी ओर पुलिस की वर्दी पहने शख्स ने खुद को एसआई सुनील तिवारी बताया। कहा कि नवाब मलिक के मनी लॉन्डि्रंग केस में उनके सिम और तीन बैंक खातों का प्रयोग किया गया है। इनमें ढाई-ढाई करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
वर्दी पहने ठग ने कहा कि आप ऑनलाइन एप से अपने बैंक खातों का स्क्रीनशॉट लेकर हमें व्हाट्सएप कीजिए। तब फिजियोथेरेपिस्ट को कुछ अजीब लगा। उन्होंने अपने जीरो अमाउंट वाले खाते का स्क्रीनशॉट भेज दिया। काफी प्रयास के बाद भी जब ठगी न हो सकी तो ठगों ने उन्हें डांटा। फिजियोथेरेपिस्ट ने गरीबी का हवाला दिया तो ठगों ने कहा कि तुम लखनऊ आ जाओ, तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। बात न बनती देख उन्होंने कॉल कट कर दी।
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ठगी के दस लाख रुपयों से खरीद ली क्रिप्टो करेंसी
कुछ समय पहले रामपुर गार्डन निवासी व नोएडा में कार्यरत युवती को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर दस लाख रुपये ठगे थे। उसने साइबर थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने विवेचना की तो पता लगा कि ठगों ने पूरे दस लाख की क्रिप्टो करेंसी खरीद ली। भुगतान भी युवती के खाते से सीधे ही कर दिया। पुलिस जब रुपये अपने खाते में लेने वाले शख्स तक पहुंची तो पता लगा कि उसने ऑनलाइन अपनी क्रिप्टो करेंसी बेची थी। अमर उजाला ब्यूरो



पुलिस पीड़ितों से रुपये नहीं मांगती। ऐसी कॉल आए तो सावधान रहें और नजदीकी थाने या साइबर पुलिस को सूचना दें। ठगी होने पर भी तत्काल सूचना देकर आप अपनी रकम को बचा सकते हैं। - नीरज सिंह, इंस्पेक्टर, साइबर थाना
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ये बरतें सावधानी
- बच्चों को हिरासत में लेने की कॉल आए तो पहले बच्चे या उसके साथियों को कॉल करके सुनिश्चित कर लें कि क्या मामला है? ऑनलाइन किसी को रुपये न दें।

- डिजिटल हिरासत की स्थिति बने तो ठगों की कॉल डिस्कनेक्ट कर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
- मुकदमों में कार्रवाई और आरोपी को पकड़ने की बात कहकर रुपये मांगने की कॉल आए तो भी स्पष्ट मना कर दें।

- वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद रखें।
- किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड की डिटेल न दें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।

- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।


यहां करें शिकायत
- टोल फ्री नंबर 1930

- cybercrime.gov.in
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