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एएनएम के रजिस्टर में बाबू का नाम खोज रहे थे हमलावर

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लोगों से मामले की जानकारी करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एएनएम ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो किया हमला
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स्वास्थ्य कर्मियों ने दी काम बंद करने की चेतावनी

फरीदपुर। एएनएम पर हमला अप्रत्याशित नहीं था। भीड़ में शामिल कुछ लोगों को किसी बाबू नाम के व्यक्ति पर सर्वे कराने का शक था। भीड़ ने पहले एएनएम के रजिस्टर में बाबू नाम के शख्स की डिटेल तलाशने की कोशिश की। रजिस्टर में जब उसका नाम दर्ज नहीं मिला तो भीड़ हमलावर हो गई। हालांकि पुलिस अब तक उस मोहल्ले में बाबू नाम के किसी शख्स को तलाश नहीं कर सकी है। इधर, हमले से आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने काम बंद करने की चेतावनी दी है।
नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहगंज पूर्वी की संविदा एएनएम मधु चंद्रा को सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई थी। मधु और उनकी सहायक गुंजन को आसपास के लोगों का नाम पता नोट करना और संदिग्ध लोगों से उनके जुड़ाव या हाल में सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों की जानकारी करनी थी। दोनों के कई बार पूछने पर भी लोगों ने अपना नाम-पता नहीं बताया। बहुत समझाने पर एक-दो लोग नाम पता बताने लगे तो दूसरे उनका विरोध करने लगे। गली से बाहर निकलते 15-20 लोगों ने मधु से उनका रजिस्टर छीन लिया और उसे पलटकर किसी बाबू का नाम देखने लगे। ये लोग आपस में कह रहे थे कि बाबू का सर्वे हुआ है या नहीं ? जब रजिस्टर में बाबू का नाम नहीं दिखा तो इन लोगों ने रजिस्टर छीनकर फाड़ने की कोशिश की। मधु ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की तो भीड़ ने उनका मोबाइल तोड़ दिया। मधु के मुताबिक, हमलावरों में ज्यादातर वही लोग थे जिनके घरों का उन्होंने सर्वे किया था। मधु के मुताबिक हमलावरों में अधिकांश युवक थे।
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इधर, संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव का कहना है कि अपनी जान जोखिम में डाल कर स्वास्थ्य कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन उनको सुरक्षा नहीं मिल रही। आए दिन उन पर हमले हो रहे हैं। ऐसे में वे काम ठप कर देंगे। जिन्होंने अभद्र व्यवहार किया उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

डीजीपी ने लिया घटना का संज्ञान

बरेली। मुरादाबाद जैसी ही घटना फरीदपुर में होने से अफसरों में हड़कंप मच गया। सूचना पर लखनऊ मुख्यालय से डीजीपी ने घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने एडीजी जोन अविनाश चंद्र और एसएसपी शैलेश पांडेय से घटना की जानकारी ली और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

हिरासत में लिए गए चार लोगों से पूछताछ की गई है। उन्होंने बाबू नाम के किसी व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं बताया है। पीड़ित एएनएम चूंकि अपने घर जा चुकी हैं, इसलिए अब शनिवार को उन्हें बुलाकर हिरासत में लिए गए आरोपियों से आमना-सामना कराया जाएगा, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके। - अभिमन्यु मांगलिक, एएसपी

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