अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर है। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी की जा रही है। इस बीच बरेली में एक युवक ने अतीक और अशरफ की हत्या को लेकर फेसबुक पर ऐसी पोस्ट कर दी, जो उसे भारी पड़ गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
माफिया अतीक और अशरफ की हत्या के बाद सोशल मीडिया वार शुरू हुआ। इज्जतनगर पुलिस ने ऐसे ही मामले में कारपेंटर को पकड़ा है जो अतीक और अशरफ को शेर बता रहा था। पकड़े जाने पर वह माफी मांगने लगा।
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अब्दुल्लापुर माफी निवासी फारूख कम पढ़ा लिखा है। धार्मिक कट्टरता की सोच वाले लोगों के संपर्क में आकर वह सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय हो गया है। प्रयागराज कांड के बाद उसने अपनी फेसबुक वॉल पर भड़काऊ पोस्ट डाले।
अतीक और अशरफ को शेर बताकर शासन व व्यवस्था पर तीखे कटाक्ष किए। इसका स्क्रीन शॉट लेकर हिंदूवादी संगठन से जुड़े हिमांशु पटेल ने ट्वीट कर दिया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने ट्वीट के आधार पर इज्जतनगर इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव को कार्रवाई का निर्देश दिया।
पुलिस ने जानकारी जुटाकर सोमवार शाम फारूख को गिरफ्तार कर लिया। दरोगा ब्रजपाल सिंह की ओर से उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या
आपको बता दें कि प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की शनिवार की रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रात साढ़े 10 बजे के बाद अतीक और अशरफ को उस वक्त गोली मारी गई जब वो दोनों मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गए थे। मीडियाकर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने दनादन गोलियां बरसाईं। एक पुलिसकर्मी और एक पत्रकार भी इस घटना में घायल हुआ था।
बरेली जेल में बंद था अशरफ
अतीक अहमद का भाई अशरफ बरेली जेल में बंद था और उसने यहां अपना नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसलिए शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाकों में खास सतर्कता बरती जा रही है। दूसरे दिन भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां टोह लेती रहीं। जेल में खुफिया अमला विशेष सतर्कता बरत रहा है। अधिकारी शहर के साथ ही जेल के माहौल का भी अपडेट ले रहे हैं।
अफवाह फैलाने वाले जाएंगे जेल
सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज करने वालों को चिह्नित कर पुलिस कार्रवाई करेगी। पुलिस ने साफ किया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के माध्यम से अगर किसी ने भड़काऊ और गलत मेसेज प्रसारित किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की टीम लगातार सोशल साइट्स की निगरानी कर रही है। इस चेतावनी के बाद कई व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप के एडमिन ने अपने समूहों में मेसेज डालकर सदस्यों को इस प्रकरण से संबंधित पोस्ट नहीं डालने की हिदायत दी है।