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Bareilly News: अटल सेतु पर नहीं लगे साइन बोर्ड... न ही डिवाइडर, यह अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए

Mon, 04 Nov 2024 02:18 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में अटल सेतु से चौपुला पुल को जोड़ा गया है। बीते दिनों इस पर यातायात शुरू हो गए, लेकिन दोनों पुलों के जोड़ पर अब तक साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। और न ही डिवाइडर लगे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। 
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अटल सेतु और चौपुला पुल के जोड़ पर नहीं लगे साइन बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के अटल सेतु और चौपुला पुल का जोड़ हादसों को दावत दे रहा है। यहां बिना साइन बोर्ड और डिवाइडर के ही वाहन दौड़ रहे हैं। वहीं पुल का जोड़ शुरू होने के बाद से ही यहां ट्रैफिक भी बढ़ गया है। चौड़ाई कम होने की वजह से जाम की स्थिति भी बन रही है। दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस भी इसे अब वनवे करने की योजना बना रही है।

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मेयर ने किया था उद्घाटन 
वर्ष 2021 से ही अटल सेतु से चौपुला पुल को जोड़ने की मांग चल रही थी। इसके बाद जोड़ के बीच में चौपुला चौराहे की पीली कोठी और पुलिस लाइन की जमीन का विवाद हुआ था। काफी समय बाद चौपुला पुल से अटल सेतु का जोड़ 15 करोड़ के संशोधित बिल से बनकर तैयार हुआ और सेतु की कीमत भी 74 करोड़ रुपये हो गई। इसके बाद महापौर उमेश गौतम ने सेतु के बनते ही 25 अक्तूबर 2024 को अचानक रातों-रात उद्घाटन कर दिया और वाहन दौड़ा दिए, लेकिन पुल पर सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। वहां साइन बोर्ड, रिफेलेक्टेड लाइट और मोड़ पर डिवाइडर नहीं है।

तिराहे की बनने वाली स्थिति सबसे अधिक खतरनाक
एसपी ट्रैफिक अकमल खां ने कहा कि चौपुला और अटल सेतु के पुल के जोड़ को लेकर सेतु निगम के अधिकारियों से बातचीत हुई है। दोनों पुलों के बीच बने जोड़ की चौड़ाई सात से साढ़े सात मीटर है। ऐसे में हम सड़क को आधा करेंगे तो सड़क की चौड़ाई तीन से साढ़े तीन मीटर ही बचेगी। इसके अलावा कोई साइनेज बोर्ड नहीं लगाया है, जो लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि करीब 10 दिन पूर्व सेतु निगम वाले उनके पास आए थे, इस दौरान सभी मसलों पर बात भी हुई है।

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 वहीं बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को अटल सेतु के जोड़ से निकाला जाएगा तो तिराहे की स्थिति बनेगी, जिसको बनने नहीं देना है। ऐसे में वनवे होना जरूरी है। अटल सेतु के सेफ्टी ऑडिट के मामले में सेतु निगम के डीपीएम अरुण गुप्ता ने कहा कि सेफ्टी ऑडिट का कोई नियम नहीं है। इस तरह का कॉलम उनके विभाग को दिया ही नहीं गया है। वहीं साइन बोर्ड के मामले में उन्होंने कहा कि वह बनकर तैयार हो चुके हैं, त्योहार के कारण वह नहीं लग सके हैं, उनको भी एक से दो दिन में लगवा दिया जाएगा।
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