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होलिका दहन होते ही खूब उड़ा रंग-गुलाल

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बिहारीपुर कहरवान में होली खेलने के बाद घर के बाहर मौज-मस्ती करते बच्चेेे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विधि विधान से होलिका दहन कर मांगीं मन्नतें, बड़ों का लिया आशीर्वाद

बरेली। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होलिका दहन कर बुराई पर अच्छाई का संदेश शहरवासियों ने दिया। सोमवार को भद्रा का मान दोपहर तक ही था, फिर भी लोग होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर असमंजस में रहे। पंडितों से विचार विमर्श कर रात नौ बजे से परंपरानुसार होलिका दहन शुरू हुआ। अनुमान के मुताबिक, जिले में करीब तीन हजार स्थानों पर होलिका दहन किया गया। इसके बाद एक-दूजे को रंग-गुलाल लगाया।
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इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा की बाधा नहीं थी। शाम साढ़े छह बजे से रात नौ बजे तक शुभ मुहूर्त रहा, लेकिन पूजन का समय स्पष्ट नहीं था। शुभ नक्षत्र और ग्रह होने के चलते परंपरानुसार महिलाएं सूर्यास्त के साथ ही, विधि विधान से पूजन करने में जुट गई। होलिका में गन्ने, चने समेत अन्य परंपरागत सामग्री अर्पित की गई। सोमवार रात नौ बजने के साथ ही, संजयनगर होली चौराहा, सुभाषनगर, भूड़, अक्षर विहार, बिहारीपुर, कटरा चांद खां, सिटी स्टेशन, जाटवपुरा, प्रेमनगर, जगतपुर, जोगीनवादा, कर्मचारी नगर, मॉडल टाउन, इज्जतनगर समेत अन्य इलाकों में होलिका दहन शुरू हो गया। हालांकि, मान्यता के अनुसार कुछ स्थानों पर मंगलवार भोर में होलिका दहन हुआ। होलिका दहन के बाद घर में अशुभ छाया दूर करने के लिए होलिका की राख भी श्रद्धालु साथ ले गए। लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं और बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। 
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