जोशीमठ, रानीखेत, पिथौरागढ़, कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के संक्रमितों का होगा इलाज
बरेली। सेना ने सुदूर पर्वतीय ग्रामीण इलाकों के लोगों को कोरोना का इलाज मुहैया कराने के लिए पहल करते हुए सेना ने जोशीमठ में 50 बेड का अस्पताल शुरू किया है। इसका लाभ आसपास के सभी इलाकों को मिलने की उम्मीद है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चपेट में आने से देश का कोई राज्य नहीं बचा है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी कोरोना पांव पसार रहा है। पर्वतीय अंचलों में अस्पताल न होने से लोगों की जान को खतरा है। जिसे देखते हुए यूबी एरिया हेडक्वॉर्टर के अधीन 119 स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड ग्रुप और 9 स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड की यूनिट ने पिछले दिनों अस्पताल स्थापित करने की मुहिम शुरू की थी। अब 50 बेड का अस्पताल जोशीमठ और रानीखेत में तैयार कर दिया है। जिसका लाभ जोशीमठ के लोगों समेत पिथौरागढ़, कुमाऊं, गढ़वाल आदि क्षेत्र के रहने वालों को मिलेगा। साथ ही, सेना के जवान इन क्षेत्रों में लोगों को संक्रमण की रोकथाम के प्रति जागरूक करने और उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मुहैया कराने का संकल्प लिया है। सैन्य अफसरों ने बताया कि पिथौरागढ़ और लैंड्सडाउन में भी अस्पताल स्थापित किए जाने की योजना है।