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शराब दुकानें खुलीं तो टूट पड़े शौकीन, सड़क पर ही छलका जाम

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शराब की दुकान पर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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देसी शराब की दुकानों पर ज्यादा मारामारी, अंग्रेजी की दुकानों पर थोड़ी देर खींचतान

बरेली। लॉकडाउन में 12 दिन से बंद शराब के ठेके बृहस्पतिवार को खुले तो मदिरा प्रेमियों की भीड़ टूट पड़ी। सबसे ज्यादा मारामारी देसी शराब के ठेकों पर रही, जबकि अंग्रेजी की दुकानों पर कुछ घंटे की खींचतान के बाद सन्नाटा पसर गया। शराब खरीदने के बाद जिसे जहां जगह मिली, उसने वहीं पीनी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस कहीं नजर नहीं आई।
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एक अप्रैल से लगे लॉकडाउन के बाद से शराब के ठेके बंद चल रहे थे। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को ठेके खोले गए तो मदिरा प्रेमियों की भीड़ उमड़ने पर सामाजिक दूरी का नियम तार-तार होता दिखा। अधिकतर स्थानों पर शराब पहले खरीदने के लिए लोग दुकानों की खिड़की पर लदे हुए थे। इस बीच पुलिस कहीं दिखाई नहीं दी। सुबह दुकानें खुलने से पहले ही श्यामगंज पुल के नीचे मदिरा प्रेमियों का जमावड़ा लग गया। उन्हें बेसब्री से ठेका खुलने का इंतजार था। जैसे ही ठेका खुला शराब खरीदने के लिए जबर्दस्त मारामारी मच गई। सबसे ज्यादा भीड़ देसी शराब की दुकान पर थी। लोग ज्यादा से ज्यादा शराब खरीदकर ले जाना चाहते थे। बाद में शराब खरीदने वाले कुछ लोग सड़क के डिवाइडर पर ही पीने बैठ गए। चखने के तौर पकौड़ी तो कोई घर से लाई नमकीन लेकर भी आया था।
गंगापुर में भी शराब के ठेकों पर यही हाल रहा। यहां सामाजिक दूरी का नियम चूर चूर होते रहे। देसी के ठेकों की खिड़की पर लोग एक-दूसरे पर लदे थे तो अंग्रेजी शराब की दुकान पर भी भीड़ लगी थी। प्रेमनगर में धोबी चौराहे पर अंग्रेजी शराब की दुकान पर भी भीड़ थी। दोपहर तक शराब की सब दुकानों पर भीड़ छंटने लगी थी। दोपहर बाद कई अंग्रेजी शराब की दुकानों के सामने एकाध खरीदार ही थे।
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