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सेना भर्ती : 5000 में से सिर्फ 300 चयनित

Sat, 14 May 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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सेना भतीऱ्
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पीलीभीत के नौजवानों ने सेना को निराश किया है। 90 फीसदी अभ्यर्थी रैली की पहली सीढ़ी नहीं पार कर पाए। करीब पांच हजार लोगों ने दौड़ में हिस्सा लिया लेकिन सिर्फ 537 अभ्यर्थी इसे पार कर पाए। इसमें भी आधे अभ्यर्थी  सीना, वजन और लंबाई के मापदंड पर खरे नहीं उतरे। कुल तीन सौ युवा ही भर्ती की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर सके। 
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शुक्रवार को शुरू हुई सेना भर्ती रैली के पहले दिन पीलीभीत के नौजवानों को मौका दिया गया था। भोर में तीन बजे युवाओं को भरतौल ग्राउंड में बुलाकर टोकन बांटे गए। यहां से उनको शाहजहांपुर रोड स्थित जाट रेजीमेंट सेंटर के ग्राउंड में लाया गया। यहां कई राउंड चली दौड़ की प्रक्रिया दोपहर एक बजे पूरी हो सकी। इसके बाद वजन, सीना और लंबाई की माप के अलावा स्केटिंग आदि प्रारंभिक दौर की परीक्षण प्रक्रियाओं से गुजारा गया। अंतिम राउंड में पहुंचे युवाओं के प्रमाणपत्रों की प्रारंभिक जांच भी मौके पर की गई। भर्ती रैली में शामिल होने के लिए पीलीभीत के 6158 युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से सिर्फ पांच हजार रैली में शामिल हुए। एडमिट कार्ड के आधार पर युवाओं को दौड़ के लिए टोकन जारी किए गए। आर्मी भर्ती केे निदेशक कर्नल राजीव दीक्षित की देखरेख में रैली हुई। उन्होंने बताया कि चयनित हुए पीलीभीत के युवाओं को शनिवार को मेडिकल जांच के लिए बुलाया गया है। फिट पाए जाने वाले युवाओं को ही लिखित परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

कमजोर हो रहे तराई के युवा
पीलीभीत जनपद तराई का इलाका है। यहां जहां के लड़के आमतौर पर खेतिहर और मेहनतकश समझे जाते हैं लेकिन अब यहां का पानी शारीरिक गठाव और जज्बा नहीं दे पा रहा है। यही वजह है कि युवा सेना का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। शुक्रवार को दौड़ निकालने वालों में आधे नौजवानों का सीना, वजन और ऊंचाई मानक से कम पाई गई। भर्ती के लिए सेना ने 170 सेंटीमीटर लंबाई, 77.82 सेंटीमीटर सीना की माप और 50 किलो ग्राम वजन निर्धारित किया है लेकिन दौड़ निकालने वाला हर दूसरा नौजवान शारीरिक परीक्षण में से किसी न किसी में मानक पर मैदान से आउट कर दिया गया। कई लड़कों का सीना तो 65 से 68 सेंटीमीटर ही पाया गया। लंबाई भी 160 से 165 सेंटीमीटर थी।
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गश खाकर गिरे कई अभ्यर्थी
कड़ी धूप में 1600 मीटर लंबी दौड़ का माद्दा युवाओं में नहीं निकला। कुछ कदम बाद ही कई अभ्यर्थी गश खाकर गिर पड़े। कई के पैरों में छाले पड़ गए और उनसे खून रिसने लगा। युवाओं का कहना था किग्राउंड पर पत्थर थे, जिससे उनके पैरों में जख्म हो गए। इस संबंध में आर्मी अफसरों ने बताया कि अभ्यर्थियों से कहा गया था कि वह जूते पहनकर दौड़ें लेकिन निर्देश का पालन नहीं किया।

चकमा देने की कोशिश की
 बीसलपुर के प्रेमबाबू और दिलीप ने दौड़ के बाद सेना के अफसरों को चकमा देने की कोशिश की। दोनों दौड़ निकालने वाले युवाओं की टोली में शामिल हो गए और कहने लगे कि उन्होंने दौड़ निकाला। कैमरे का रिकार्ड देखा गया तो पता चला कि वे दौड़ में पीछे रह गए। इन दोनों को फटकार लगाकर भगा दिया गया।

एक ही परिवार के चार युवक सफल हुए
पीलीभीत के मझारा फार्म पर रहने वाले एक परिवार के चार युवक दौड़े और शारीरिक परीक्षण में चयनित हो गए। बलदेव सिंह, जगरूप सिंह, गुरुशरन सिंह और सुखदेव सिंह पहली बार सेना भर्ती रैली में शामिल हुए और पहले दिन की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर ली। पड़ोसी गांव टोंडरपुर का गुरुशरन का मित्र अशोक ने भी इन चारों चचेरे-तहेरे भाईयों के साथ दौड़ निकाल ली। बलदेव ने बताया कि उनके ताऊ फौजी थे इसलिए वे भी सेना मेें जाना चाहते हैं।

दूसरे प्रयास में चयन हुआ
पूरनपुर के गांव सिरसा के जीशान अली ने दूसरे प्रयास में रेस निकाल ली। पिछले साल जीशान चूक गए थे। वह फिटर ट्रेड से आईटीआई कर रहे हैं। इसी तरह सिरसा के संजीव ने भी इस बार फिजिकल परीक्षण पार कर लिया। संजीव ने बताया कि पिछले साल सीने की माप में भर्ती से उनको बाहर कर दिया गया था। इस साल उन्होंने नए सिरे से तैयारी की।

आज होगी बदायूं के अभ्यर्थियों की भर्ती
सेना भर्ती के दूसरे दिन शनिवार को बदायूं जिले के युवाओं को मौका दिया जाएगा। इन्हें भोर में दो बजे भरतौल ग्राउंड में बुलाया गया है। रविवार को शाहजहांपुर जिले के युवाओं की भर्ती होगी। निदेशक कर्नल दीक्षित ने युवाओं से जूते पहनकर ही दौड़ में भाग लेने को कहा है।
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