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Bareilly: इज्जतनगर में एक और प्लॉट पर पहुंचे हथियारों से लैस बदमाश, तोड़फोड़ की, 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी

Tue, 25 Jun 2024 12:28 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में प्लॉट पर कब्जा को लेकर हुए बवाल के बाद चर्चा में आए इज्जतनगर में प्रॉपर्टी विवाद का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में हथियारबंद बदमाशों ने प्लॉट पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। प्लॉट स्वामी से रंगदारी मांगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड के बाद इज्जतनगर क्षेत्र में ही इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। इसमें हथियारबंद बदमाशों ने 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और प्लॉट पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। इससे करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आईजी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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नॉर्थ सिटी निवासी कैलाश ने बताया कि उनकी मां शांति और साझीदार सुबोध भारद्वाज ने लालपुर में एक जमीन धनदेई, आकाश और शशिपाल से खरीदी थी। धनदेई, आकाश और शशिपाल को यह जमीन महेंद्रपाल ने बेची थी। इस जमीन पर वर्तमान में कैलाश और सुबोध का कब्जा है। आरोप है कि महेंद्रपाल की पत्नी रजनी ने वारिस बनकर जमीन का फर्जी बैनामा देवेश भारती के नाम तैयार करवाया। आरोपी इसके जरिये उनके प्लॉट पर कब्जा करना चाहते हैं।

तीन दिन पहले रजनी, देवेश और रामभरोसे हथियार लेकर प्लॉट पर आए और तोड़फोड़ कर डेढ़ लाख रुपये का नुकसान कर दिया। वे 20 लाख रुपये की रंगदारी भी मांग रहे हैं। हत्या कराने की धमकी दे रहे है। आरोप है कि इन लोगों की हरकतों की वजह से उनकी मां शांति सदमे में आ गई थीं और मार्च में उनकी मौत हो गई थी। 

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गोलीकांड के आरोपी फरार, दबिश के बाद भी खाली हाथ पुलिस
पीलीभीत बाइपास पर शनिवार को हुए गोलीकांड में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश बेनतीजा रही। कोई नया आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। रविवार को पकड़े गए छह आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया।  इसमें प्रॉपर्टी राजीव राणा के गुर्गे व होटल के कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी बवाल के बाद मौके से फरार हो गए थे। इससे पहले रविवार को भी 11 लोगों को जेल भेजा गया था।

राजीव राणा और केपी यादव समेत बाकी आरोपियों की तलाश में शहर समेत दूसरे जिलों में भी दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों के अलावा उनके सगे-संबंधियों व करीबियों के यहां भी पुलिस पहुंची पर इनका पता नहीं चल सका। माना जा रहा है कि दोनों एक साथ कहीं सुरक्षित जगह छुपे होंगे। दोनों के नेताओं की सरपरस्ती में होने की भी चर्चा है। हालांकि, इन दोनों के मिलने के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी कि घटनाक्रम से किन-किन नेताओं का जुड़ाव है? 
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