बरेली। रोडवेज में लापरवाह और अनुशासनहीन कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे एआरएम बरेली संजीव श्रीवास्तव, एआरएम रुहेलखंड अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम पीलीभीत पवन श्रीवास्तव समेत 12 अन्य के खिलाफ कार्रवाई फाइलों में कैद हो गई है। बसों की मरम्मत में भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने के बाद सेवा प्रबंधक धनजी राम को निलंबित किया जा चुका है। बदायूं डिपो के एआरएम पर भी निलंबन की गाज गिर चुकी है।
पिछले दिनों नोडल अधिकारी आरपीएल शर्मा ने परिक्षेत्र के चारों डिपो का निरीक्षण किया तो सबसे ज्यादा खामियां पीलीभीत डिपो में मिली थीं। पीलीभीत डिपो के एआरएम समेत फोरमैन नसीम और एसएसआई किरन कुमार का वेतन रोक दिया गया है। बदायूं डिपो के फोरमैन दीपक जैन का भी वेतन रोका गया है। बदायूं डिपो के एआरएम राजेश पाठक के आदेशों की अवहेलना और अशोभनीय व्यवहार करने वाले वरिष्ठ लिपिक मुनेंद्र को आरएम दीपक चौधरी ने शनिवार को निलंबित कर दिया है। राजेश पाठक को बदायूं डिपो के एआरएम अजय सिंह के निलंबन के बाद बदायूं का चार्ज दिया गया था। उन्होंने वरिष्ठ लिपिक की कार्यप्रणाली को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। इसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। संवाद