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बेटियां कमजोर नहीं, अपने दम पर छू रहीं कामयाबी का शिखर

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बेटियां कमजोर नहीं, अपने दम पर छू रहीं कामयाबी का शिखर - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बरेली कॉलेज में हुआ व्याख्यान
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गर्ल्स एनसीसी कैडेट्स ने लिया हिस्सा, विचार भी रखे

बरेली। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत शुक्रवार को बरेली कॉलेज में बालिका सुरक्षा पर व्याख्यान हुआ। इसमें कॉलेज की महिला शिक्षकों और चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने गर्ल्स एनसीसी कैडेट्स को बेटियों के हौसले बयां करते हुए विचार रखे। कहा कि बेटियां कमजोर नहीं, आज हर क्षेत्र में अपने दम पर कामयाबी का शिखर छू रही हैं। घर से मिली आजादी का गलत फायदा उठाने के बजाए उसे अपनी कामयाबी के लिए इस्तेमाल करें।
चीफ प्रॉक्टर ने कुछ उदाहरण देकर कहा कि जब तक लड़कियां शोषण के विरुद्ध आवाज नहीं उठातीं तब तक बदलाव नहीं होने वाला। अगर किसी लड़की के साथ कहीं भी चाहें कॉलेज या ऑफिस में गलत हो रहा तो खुलकर उसका विरोध करें। अगर किसी दूसरी लड़की के साथ ऐसा हो तब भी आवाज उठाएं। डॉ. शाव्या त्रिपाठी ने कहा कि लड़कियों को अपने अधिकारियों के प्रति जागरूक होना होगा, तभी समाज में उनको सही मुकाम मिलेगा। डॉ. क्षमा द्विवेदी ने कहा कि महिलाएं कमजोर नहीं। पुलिस और सेना आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी है, जरूरत है खुद को काबिल बनाने की। डॉ. आशा ने कहा कि किसी लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाला लड़का किसी महिला का ही बेटा होता है। अगर मां उनको औरतों की इज्जत करना सिखाएं तो बहुत कुछ बदल सकता है।
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डॉ. निरुपमा और डॉ. नीलम ने कहा कि अगर आज हमें अपराजिता कहा जा रहा तो इसके कारण खोजने होंगे। बेटियां सशक्त हैं। एनसीसी कैडेट अंशु और मनु श्री ने भी विचार रखकर बेटियों को हमेशा बराबरी का दर्जा देने की बात कही। डॉ. मनमीत कौर ने कहा कि राजा राम मोहन राय ने बाल विवाह जैसी कई कुरीतियों से मुक्त कराया। आज समाज में महिलाओं की स्थिति काफी सुधर गई है जिसे और सुधारने की जरूरत है।
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