डर का सामना करके ही बना जा सकता है ‘अपराजिता’
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बरेली। अमर उजाला अपराजिता ‘100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शनिवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई महिला महाविद्यालय में जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने छात्राओं को उत्पीड़न, छेड़खानी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करने को कहा। कहा, महिलाएं कमजोर नहीं, उनपर हावी पुरातनपंथी सोच उन्हें कमजोर बनाती है। इससे उबरना बेहद जरूरी है। महिलाओं को समझना होगा कि एक घटना पर उनकी खामोशी अन्य घटनाओं की वजह बनती है।
आशा ज्योति केंद्र वन स्टॉप की केंद्र प्रबंधक सौम्या वर्मा ने छात्राओं को बताया कि महिलाओं की ओर से मुंहतोड़ जवाब न देने की वजह से लोग उनकी ‘कोमलता को कमजोरी’ समझ बैठे हैं। जब तक आपराधिक छवि और अराजकतत्वों का विरोध नहीं होगा समाज की नजर में वे कमजोर ही रहेंगी। जरूरत है कि बदलते वक्त के साथ अपनी सोच बदली जाए और समाज को नई दिशा देने का प्रयास का सुझाव दिया। उन्होंने जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से संचालित कन्या सुमंगला योजना, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 181 वन स्टॉप, डायल 100, बाल अधिकार, बाल अपराध, महिला हिंसा संबंधी अन्य कानूनों की जानकारी देकर जरूरत पर उनके उपयोग करने को कहा। साथ ही, प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे जुलाई अभियान ‘कवच’ की जरूरत से छात्राओं को अवगत कराया। कहा, जागरुकता ही अपराध से बचने का एकमात्र तरीका है। इस दौरान डॉ. रंजू राठौर, डॉ. संध्या सक्सेना व अन्य स्टाफ समेत छात्राओं ने अपराजिता की शपथ ली।
सेल्फ डिफेंस की दी जानकारी
महिला थाना की एसआई प्रीति पवार ने छात्राओं को पहले सुरक्षा के लिए खुद से प्रयास करने का सुझाव दिया। बताया कि रास्ते में अचानक कोई घटना प्रतीत होगी और कॉल करने या अन्य कोई मौका न मिले तो छात्राओं को उसका पुरजोर विरोध करने का सुझाव दिया। कहा, जब सुरक्षित रहोगे तभी कानून का भी उपयोग करने में सक्षम रहोगे। इसलिए कानून की जानकारी समेत सेल्फ डिफेंस के गुर सीखना छात्राओं के लिए जरूरी बताया। इस दौरान महाराज अग्रसेन पार्क में जूडो कराटे सिखाने वाली टीम के सदस्यों ने छात्राओं को हेयर पिन, क्लचर, दुपट्टा, जूती, कंगन, सेफ्टी पिन व अन्य के उपयोग से बचाव का तरीका बताया।