छात्राओं ने निबंध के जरिये बयां की महिलाओं की सामाजिक स्थिति
बरेली। बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं, हर चुनौती के आगे खुद को साबित भी कर रहीं हैं। चाहे कोई मल्टीनेशनल कंपनी हो या देश की सुरक्षा का मोर्चा, ऊंचे ओहदों तक पहुंचकर अपनी पहचान बना रही हैं। फिर भी लैंगिक भेदभाव उनके कदम रोकने की कोशिश कर रहा है। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत गुुरुवार को पीलीभीत बाईपास पर बीबीएल स्कूल में नारी सुरक्षा पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने वर्तमान हालात और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को कुछ इसी तरह उठाया। निबंध प्रतियोगिता का एक यही निचोड़ निकला कि बेटियों को आगे बढ़ाना है तो उन्हें सुरक्षित माहौल देने के साथ बेटों की तरह आगे बढ़ने के अवसर भी दिए जाएं।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली कक्षा बारह की छात्रा ख्याति और रितिका ने देश भर में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ होने वाली घटनाओं का उल्लेख करते हुए लिखा कि समाज में बेटियों के दावे तो बहुत होते हैं लेकिन फिर भी निर्भया जैसे कांड उन्हें डराते रहते हैं। बेटियों को सुरक्षित माहौल देना होगा ताकि वह निडर होकर अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ा सकें। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान पाने वाली कक्षा बारह की छात्रा जोया अकरम और अनुष्का गोयल ने अपने निबंध में समाज में महिलाओं की स्थिति को उठाया। बेटी पढ़ लिखकर नौकरी करती है, परिवार की जिम्मेदारी उठाती है इसके बावजूद उसको घर में बराबरी का दर्जा नहीं मिल पाता। महिलाओं को बराबरी का हक देना है तो समाज को अपनी सोच बदलनी होगी। तीसरा स्थान पाने वाली प्रियांशी सक्सेना ने भी महिला सुरक्षा की बात उठाई। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाला मर्द भी किसी महिला का बेटा होता है। अगर महिलाएं शुरू से ही अपने बेटे को दूसरी महिलाओं की इज्जत करना सिखाएं तो समाज की तस्वीर ही बदल जाएगी। छेड़छाड़, बलात्कार जैसी घटनाएं काफी कम हो जाएंगी। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रधानाचार्य अल्पना जोशी ने अमर उजाला की तरफ से सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस मौके पर उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान के बारे में छात्राओं को बताया।
यह रहीं विजेता
प्रथम : ख्याति और रितिका माहेश्वरी कक्षा 12
द्वितीय : जोया अकरम और अनुष्का गोयल कक्षा 12
तृतीय : प्रियांशी सक्सेना कक्षा 11