इस रिंग रोड के निर्माण पर भू-अधिग्रहण घोटाले की आंच भी आई थी। सरनिया गांव में अधिक मुआवजा लेने की नीयत से परिसंपत्तियों का मूल्यांकन अधिक किए जाने का मामला सामने आया था, लेकिन अच्छी बात यह रही कि भुगतान नहीं हुआ था। इस मामले में एनएचएआई ने आर्बिट्रेशन दायर किया है, जिस पर फैसला आना है। परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिलना उन तमाम किसानों के लिए राहत भरी खबर है, जिनकी परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर कोई आर्बिट्रेशन दायर नहीं है। न ही भुगतान रोकने का कोई और कारण है।
रिंग रोड परियोजना
1700 करोड़ रुपये की है परियोजना
900 करोड़ रुपये रिंग रोड के निर्माण पर होंगे खर्च
800 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर होंगे खर्च