बसपा कार्यकर्ताओं ने पकड़ी थी कार
आबिद का आरोप है कि सत्यवीर के नामांकन के दौरान फर्जी दस्तावेजों की फाइल श्यामलाल नाम का शख्स कार में लेकर बैठा था। कलक्ट्रेट गेट पर बसपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कार पकड़ी तो कार के ड्राइवर अशोक मौर्य ने पुलिस को बताया कि उसे सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य के करीबी नरेंद्र कुमार ठेकेदार ने श्यामलाल को लेने भेजा था। आबिद का आरोप है कि सत्यवीर और सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य मिले हुए हैं और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में दोनों की मिलीभगत है।
आबिद अली की शिकायत पर कोतवाली में दोनों प्रत्याशियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आबिद का आरोप है कि नीरज मौर्य और सत्यवीर दोनों ही शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद से ताल्लुक रखते हैं और सत्यवीर को फर्जी तरीके से प्रत्याशी बनवाने की साजिश में नीरज मौर्य भी बराबर के साझीदार हैं। इसका प्रमाण वह पुलिस को दे चुके हैं।
पुलिस ने सीज की कार, मिलीं दो लाल टोपियां
बसपा कार्यकर्ताओं ने सपा प्रत्याशी पर साजिश का आरोप लगाकर कार कोतवाली पुलिस को दी है। उसमें सपा की बताई जा रहीं दो लाल टोपियों के अलावा कुछ नहीं मिला। बसपाइयों का कहना था कि इसी कार से सत्यवीर के फर्जी कागजात नीरज मौर्य के करीबी लेकर आए हैं तो इसे सीज कर मुकदमे का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। वहीं आरोपों की पुष्टि न देखकर इंस्पेक्टर कोतवाली डीके शर्मा ने कार को बिना कागजात मानकर सीज कर दिया। इधर, कार ड्राइवर अशोक का भी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह नीरज मौर्य से तो जुड़ाव बता रहा है लेकिन सत्यवीर को जानने से इन्कार कर रहा है।
आरोप निराधार: नीरज मौर्य
बसपा प्रत्याशी के आरोपों पर सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य का कहना है कि शनिवार के घटनाक्रम को लेकर उन्हें वीडियो आदि से जानकारी हो रही है। वह जो समझ रहे हैं उसके मुताबिक कार चलाने वाला अशोक उनका समर्थक है। उसे रास्ते में जलालाबाद के ही एक वकील मिल गए थे, जिन्होंने खुद को कलक्ट्रेट की तरफ छोड़ने का अनुरोध किया था। ड्राइवर ने उन्हें वहां छोड़ दिया होगा। वकील के पास किसके कागजात थे और सत्यवीर सिंह से उनका क्या जुड़ाव है, ये वह नहीं जानते। रिपोर्ट राजनैतिक कारणों से लिखवाई गई है। पुलिस सही से जांच करेगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस को सीसीटीवी, सर्विलांस आदि का प्रयोग कर निष्पक्ष विवेचना करनी चाहिए।