मीरगंज। गांव फिरोजपुर में शनिवार को गांव निवासी करीम (40 वर्ष) की कैंसर से मौत हो गई। यह पिछले आठ सालों में गांव में कैंसर से हुई 39वीं मौत है। हालत यह हैं कि लगातार बढ़ती मौतों के बावजूद न तो स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कभी कैंप लगाया और न ही पानी एवं अन्य कारणों की जांच की।
गांव वालों का आरोप है कि सरकार की स्वच्छ पेयजल योजना यहां अधूरी पड़ी है। गांव में पीने के साफ पानी की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा है। नतीजा यह है कि ग्रामीण अब भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और बीमारी विकराल रूप ले रही है।
करीम का इलाज दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था, उसे लीवर का कैंसर था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज बीच में ही ठप पड़ गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि मृतक फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र का रहने वाला था। अभी कुछ दिनों से अपनी ससुराल फिरोजपुर में रहकर इलाज करा रहा था। फिर भी टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। संवाद