फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू से एक और मौत

Sat, 13 Feb 2016 01:43 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
ये वैक्सीन बिल्कुल कारगर है- डॉ अतुल
विज्ञापन

बरेली। स्वास्थ्य विभाग ने मौजूदा वैक्सीन को स्वाइन फ्लू के एच1 एन1 वायरस से लड़ने में नाकाम बताया तो  चिकित्सकों में बहस छिड़ गई है।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाआट्रिक के प्रदेश अध्यक्ष और एडवांसिंग साइंस ऑफ वैक्सीनोलॉजी के नेशनल कोआर्डिनेटर रह चुके डॉ. अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष 2015- 16 के भारतीय परिपेक्ष में जो शोध किया उसमें स्वाइन फ्लू वायरस के तीन प्रकार सामने आए हैं। इसमें एच1 एन1 के साथ एच3 एन2 और इंफ्लूएंजा भी शामिल है। इन तीनों प्रकार से लड़ने के लिए एक वैक्सीन बाजार में है जो मात्र सात सौ में उपलब्ध है। अभी तक यह वैक्सीन सौ फीसदी असरकारक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें के मुताबिक एच1 एन1 वायरस की कई वैरायटी इस बार आक्रामक हुई है जिससे वैक्सीन असरदार नहीं रहा, जबकि अन्य डॉक्टराें का कहना है कि अगर अन्य वायरस एक्टिव हुआ है तो इस साल डब्ल्यूएचओ उस पर शोध करेगा। कोई भी वैक्सीन अप्रैल में एक्सपायर हो जाती है। जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से जो आदेश आया है उसके तहत एच1 एन1 और इनफ्लुएंजा ए एंड बी वायरस का ही वैक्सीन है। इसकी कीमत भी बताई गई है।

पीलीभीत में नहीं है नमूने लेने का इंतजाम
बरेली। स्वाइन फ्लू को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन पीलीभीत में नमूने लेने के इंतजाम ही नहीं है। पिछले साल शाहजहांपुर की डीएम को भी स्वाइन फ्लू हुआ था, इसकी जांच के लिए भी बरेली से ही संसाधन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद शाहजहांपुर में स्वाइन फ्लू नमूने लेने के इंतजाम किए गए थे। बदायूं में भी इंतजाम कर दिया गया है। जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा का कहना है कि पीलीभीत में भी नमूने लेने की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन


बरेली के केसों पर शासन की नजर
बरेली। जनवरी में घातक हो चुके स्वाइन फ्लू पर शासन की भी नजर है। बताया जा रहा है कि लखनऊ, कानपुर और बरेली में अभी तक जितने भी मामले स्वाइन फ्लू पॉजीटिव के पाए गए हैं उनकी जानकारी जुटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन की ओर से बरेली से केस मंगाए जाएंगे और उन पर स्टडी भी करा सकते हैं। वायरस का प्रकार कितना बदला है और यह किस तरह घातक हुआ है इसके विषय में जानकारी के लिए नमूने पर भी गहन जांच की संभावना है। हालांकि जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा और सीएमओ डॉ. विजय यादव का कहना है कि शासन की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगी गई है।
विज्ञापन


बच्चे को कैसे हुआ स्वाइन फ्लू, विभाग अलर्ट
एक तीन माह के बच्चे को स्वाइन फ्लू हो सकता है इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन स्वाइन फ्लू कैसे हुआ इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में चर्चा शुरू हो गई है। बच्चे के माता और पिता को कोई बीमारी नहीं है वे पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन फिर भी बच्चे को वायरस ने पकड़ा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि हो सकता है बच्चा किसी वैक्सीनधारी स्वाइन फ्लू मरीज के संपर्क में आया हो, वैक्सीन से वायरस उस व्यक्ति के लिए तो खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर कोई उनके संपर्क में आता है तो संभावना बढ़ जाती हो। जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा का कहना है कि बच्चे का स्वाइन फ्लू दूसरों के लिए खतरनाक नहीं है। लेकिन यह जांच का विषय है कि बच्चा किस स्वाइन फ्लू मरीज के संपर्क में आया है। टीम को अलर्ट कर जांच में जुटने को कह दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें