कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी समेत चार लोगों के खिलाफ फरीदपुर कोतवाली में एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बदायूं की महिला ने प्लॉट के नाम पर 8.75 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। 800 करोड़ की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी के खिलाफ अब तक 60 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बदायूं के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जोगीपुरा पनवाड़ी स्थित शिव मंदिर के पास रहने वालीं मनोरमा सक्सेना ने पुलिस को बताया कि उन्होंने फरीदपुर के गांव हृदयपुर उर्फ अंधरपुर में कैनविज वैली रेजिडेंस हाउसिंग सोसायटी में 102 वर्गगज का प्लॉट जुलाई 2014 में खरीदा था। यह टाउनशिप इंफ्रा कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड को विकसित करनी थी। कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी व राधिका गुलाटी हैं। प्लॉट का बैनामा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बानखाना चौराहा गुलाब नगर निवासी सूर्य प्रकाश ने कराया था। आठ लाख रुपये में रजिस्ट्री हुई। बैनामे के लिए 75 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हुए।
कंपनी ने पांच साल में सोसाइटी विकसित न होने पर दोगुनी रकम लौटाने का वादा किया था। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव ने विकसित सोसाइटी में सड़क, बिजली के खंभे, नालियां और स्ट्रीट लाइटें आदि लगाने का वादा किया था। विकास के काम अब तक नहीं कराए गए हैं। उनको भूखंड पर कब्जा भी नहीं दिया गया है। आरोपियों ने उनके 8.75 लाख रुपये हड़प लिए। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि कन्हैया गुलाटी, राधिका गुलाटी, आशुतोष श्रीवास्तव और सूर्य प्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।