फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: करोड़ों की ठगी के आरोपी अमर ज्योति निधि के निदेशक और एजेंट के खिलाफ एक और रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगी के आरोपी अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड के निदेशक और पूर्व भाजपा नेता सूर्यकांत व कंपनी के एजेंट देवेंद्र के खिलाफ बारादरी थाने में धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट दर्ज हुई है। पिछले माह कटरा चांद खां निवासी नगर निगम की कर्मचारी विनीता मौर्य ने सूर्यकांत और उसके भाई शशिकांत के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों भाइयों और कंपनी के आठ एजेंटों के खिलाफ बदायूं में पहले से कई मामले दर्ज हैं। सूर्यकांत और शशिकांत पर पुलिस 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर चुकी है।
विज्ञापन

बारादरी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नेकपुर ललिता देवी मंदिर निवासी राजेश्वरी गंगवार ने बताया है कि अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड का एजेंट देवेंद्र उनसे सितंबर 2024 में मिला था। उसने कंपनी की स्कीमों और उनसे होने वाले लाभ के बारे में बताया। एजेंट के कहने पर उन्होंने कंपनी में निवेश शुरू किया। एक जुलाई को वह कटरा चांद खां स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचीं तो पता लगा कि कंपनी के निदेशक रुपये लेकर भाग गए हैं। उन्होंने एजेंट से संपर्क किया तो वह भी नहीं मिला। उन्होंने निदेशक सूर्यकांत और एजेंट देवेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कंपनी निदेशक सूर्यकांत और शशिकांत के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में जांच के दौरान अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। दोनों भाइयों ने दो हजार से ज्यादा लोगों से निवेश कराया। एफडी और आरडी जैसी योजनाओं में लाभ का लालच देकर आम लोगों से रकम वसूली और दो माह पहले कंपनी का दफ्तर बंद कर फरार हो गए। चोरी-छिपे कटरा चांद खां स्थित अपनी कोठी भी बेच दी। हालांकि, कंपनी के 18 बैंक खातों को भी सीज किया गया है। इनमें 1.15 करोड़ से ज्यादा रुपये जमा हैं। संवाद
विज्ञापन



दिहाड़ी पर कमाई करने वालों को भी नहीं छोड़ा
सूर्यकांत और शशिकांत अमर ज्योति लिमिटेड, अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड, अमर ज्योति हायर परचेज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड नाम की कंपनियों में एजेंटों और अपने सहयोगियों से लोगों से निवेश कराते थे। दोनों भाइयों ने दिहाड़ी पर कमाई कर गुजारा कर रहे ठेला-खोमचा वालों को भी नहीं छोड़ा और इनसे भी ठगी कर ली। इनके अलावा, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी अपना शिकार बनाया। नगर निगम की कर्मचारी विनीता से 1.50 लाख रुपये निवेश कराए थे। कटरा चांद खां के ही सब्जी विक्रेता भगवानदास का कहना है कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए दो लाख रुपये की एफडी कराई थी। कई और ठेला-खोमचा वालों ने भी अपने पसीने की कमाई निवेश की है।


-
सफेदपोशों के संरक्षण से शुरूआत में पुलिस ने भी नहीं डाला हाथ
कंपनी निदेशक सूर्यकांत भाजपा का महानगर अध्यक्ष था। तीन माह पहले जब इसके खिलाफ बदायूं में मामला दर्ज हुआ तो भाजपा से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने हाथ नहीं डाला। इस दौरान दोनों भाई खुद को बचाने के लिए सफेदपोशों के संरक्षण में पहुंच गए। बाद में जब भाजपा ने सूर्यकांत को पद से हटाते हुए इससे किनारा किया तो एसएसपी बदायूं ने जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। तब तक दोनों भाई राजनीतिक संरक्षण में भूमिगत हो चुके थे। इसके बाद एसएसपी बदायूं ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित किया। बाद में डीआईजी ने इनाम की रकम को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया।


-
तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत पर हैं आरोपी
करोड़ों की ठगी के आरोपी सूर्यकांत और शशिकांत की गिरफ्तारी में पुलिस की लापरवाही ने दोनों को हाईकोर्ट तक पहुंचने का मौका दे दिया। दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अंतरित जमानत की मांग की। तर्क दिया कि तमाम दस्तावेज कंपनी के कार्यालय में रखे हैं। वह गिरफ्तारी के डर से कार्यालय नहीं जा पा रहे। जुलाई के दूसरे सप्ताह में हाईकोर्ट ने दोनों को तीन सप्ताह की अंतरित जमानत दे दी, लेकिन इसके बाद भी दोनों ने किसी निवेशक को रुपये वापस नहीं किए। इधर, एसआईटी जांच भी धीमी हो गई है।


-
वर्जन-
अमर ज्योति के निदेशक और एजेंट के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे पहले भी धोधाखड़ी का एक मामला दर्ज किया जा चुका है। दोनों मामलों में जांच की जा रही है।
विज्ञापन

-मानुष पारीक, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें