पहले वाले पिंजड़े में बंधा बकरा बीमार, बदलने की मांग
मीरगंज/शीशगढ़। छात्रा के शिकार के बाद बुझिया गांव के आसपास के लोग तेंदुआ की दहशत से उबर नहीं पा रहे हैं। इसको देखते हुए डीएफओ भरत लाल ने क्षेत्रीय अधिकारियों को वहां एक और पिंजड़ा लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पहले से लगाए पिंजड़े में बांधा गया बकरा बीमार हो गया है, गांव वालों ने इसे बदलने की मांग की है।
पिछले दिनों ग्राम बुझिया के जंगल में तेंदुए ने मासूम उपासना को मार डाला था। इस घटना के बाद एक तेंदुआ को वन विभाग ने पकड़ लिया लेकिन गांव वालों ने दूसरे तेंदुआ की मौजूदगी बताई तो घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूरी पर वन विभाग ने सोमवार को पिंजड़ा लगाकर उसमें बकरा बांधा था। बुधवार तक यह बकरा इतना बीमार हो गया कि उसके मुंह से आवाज तक नहीं निकल पा रही थी। बुधवार सुबह जब प्रधान ओमप्रकाश वहां पहुंचे तो बकरा पिंजड़े में तड़पते दिखा। इस पर प्रधान ने वन विभाग को फोन करके पिंजड़े में बंधे बकरे को हटाकर दूसरा बकरा बांधे जाने की मांग की है। वहीं, डीएफओ ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार को वहां एक और पिंजड़ा लगवाने की बात कही है। संवाद
मोहम्मदपुर में तेंदुआ का मचा शोर, पगचिह्न कुत्ते के मिले
बहेड़ी। मंगलवार रात दो बजे से मोहम्मदपुर और बाईपास के आस पास के लोगों ने बंद पड़े पेट्रोल पंप के भवन में तेंदुआ होने का शोर मचा दिया। इससे संबंधित मेसेज पूरे इलाके में व्हाट्सएप पर वायरल होने लगे। इस पर बुधवार सुबह रेंजर रवींद्र कुमार ने पगचिह्नों के फोटो खींचकर लखनऊ और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक्सपर्ट को भेजे तो वे कुत्ते के निकले। रेंजर ने बताया कि दोपहर को टेहरा गांव में तेंदुआ दिखने का शोर मचा था लेकिन कोई चश्मदीद नहीं मिला। एसडीओ आरबी सिंह ने ग्रामीणों से अपील की है कि सही और सटीक सूचनाएं दें, इस तरह भ्रमित न करें। ग्रामीण अभी दहशत में हैं। उन्होंने कहा है कि सटीक लोकेशन मिलते ही पिंजड़ा लगा दिया जाएगा। संवाद
वन विभाग का दावा, इसी महीने पकड़ लेंगे बाघिन को
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग एक बार फिर से योजना बना रहा है। इसके लिए डीएफओ भरत लाल ने अधिकारियों से बात की है, जिसमें अक्तूबर के अंत तक बाघिन पकड़ने की बात कही गई है।
पिछले कई महीने से रबर फैक्टरी के जंगल मे मौजूद बाघिन वन विभाग के लिए सिर दर्द बनी हुई है। बीते कई दिन से बाघिन की सटीक लोकेशन मिलने के बाद अब वन विभाग बाघिन को पकड़ने की योजना एक बार फिर बनाने लगा है। इसके लिए डीएफओ भरतलाल ने वन विभाग के अधिकारियों से बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए एक्सपर्ट की टीम भेजने का आग्रह किया है। डीएफओ ने बताया कि अधिकारियों ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक बाघिन को पकड़ने के लिए एक्सपर्ट की टीम भेजने की बात कही है। संवाद