बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टिलरी से करीब सौ करोड़ की एक्साइज ड्यूटी की चोरी मामले में मनोज जायसवाल की शुक्रवार को लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद एसआईटी के अधिकारियों ने उसके रिश्तेदार और दूसरे आरोपी अजय जायसवाल की तलाश तेज कर दी है। अजय जायसवाल को जल्द गिरफ्तार करने के लिए उस पर घोषित इनाम 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि अजय जायसवाल बरेली में ही छिपा हो सकता है।
टपरी डिस्टिलरी से एक बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकालकर करोड़ों की एक्साइज ड्यूटी की चोरी का मामला पिछले साल की शुरुआत में पकड़ा गया था। आबकारी अधिकारियों की साठगांठ से चल रहे इस खेल में ट्रकों को डिस्टिलरी से निकालते वक्त वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और ट्रकों का जीपीएस ऑफ कर दिया जाता था। एसटीएफ ने तीन मार्च 2021 को छापा मारकर इस खेल का खुलासा किया था। डिस्टिलरी मालिक प्रणय अनेजा समेत आठ लोग तभी गिरफ्तार कर लिए गए थे। बरेली में ग्रीन पार्क में रहने वाले शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उसके रिश्तेदार उन्नाव निवासी अजय जायसवाल को करीब सौ करोड़ की टैक्स चोरी का मास्टर माइंड माना गया था। मनोज जायसवाल को शुक्रवार को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया। अब अजय जायसवाल की तलाश की जा रही है।
इस मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी के अधिकारियों ने मनोज जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद अजय जायसवाल की गिरफ्तारी पर इनाम की रकम 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी है। बरेली में शराब कारोबारियों की विभिन्न माध्यमों से प्रशासन और पुलिस के अफसरों में घुसपैठ को देखते हुए एसआईटी के अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि अजय जायसवाल के लिए भी बरेली सुरक्षित पनाहगाह हो सकती है। लिहाजा उसके बरेली में ही छिपे होने की काफी संभावना है।
बता दें कि अजय जायसवाल का यहां हरुनगला के पास शराब गोदाम था जिसका लाइसेंस निरस्त हो चुका है। इस गोदाम को मनोज जायसवाल ही देखता था। पिछले साल हरूनगला में ही अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा गया था जिसके ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि वह मनोज जायसवाल के कहने पर ही शराब यहां लाया था जिसे हरूनगला गोदाम में उतारना था। मनोज जायसवाल का बरेली में स्टेडियम रोड पर 21 डाउन टाउन बार है।
सहायक आबकारी आयुक्त भी गिरफ्तार - सौ करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में बड़े अधिकारी भी लपेटे में आ रहे हैं। एसआईटी ने टपरी डिस्टिलरी में तैनात रहे सहायक आबकारी आयुक्त जगराम पाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। जगराम को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इस मामले में आबकारी के और अधिकारी भी जेल जा चुके हैं, कुछ फरार हैं। एसआईटी उन्हें तलाश कर रही है। शासन से इस मामले में लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।