आंवला। रेलवे स्टेशन के समीप स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम बल्क तेल डिपो गेट पर शुक्रवार दोपहर पेट्रोलियम टैंकर चालक एवं परिचालक यूनियन के तत्वावधान में दर्जनों टैंकर चालक व परिचालकों ने हड़ताल की।
सितारगंज डिपो प्रबंधन के खिलाफ यूनियन सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए उत्पीड़ऩ व शोषण करने का आरोप लगाया। इससे डिपो से जाने वाले टैंकरों से बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद व उत्तराखंड के सितारगंज की आपूर्ति प्रभावित होगी। संगठन पदाधिकारियों का कहना था कि सितारगंज डिपो द्वारा पेट्रोल में 15 प्रतिशत एथेनाल मिलाया जाता है। डिपो प्रबंधन द्वारा मानक से कम-ज्यादा एथेनॉल होने के शक में तीन टैंकरों के सैंपल 13 नवंबर को भरवाए गए थे। दो दिन बाद आई रिपोर्ट में सैंपल फेल होने की दशा में ट्रांसपोर्टर के अनुरोध पर पुन: सैंपल भरवाए गए। रिपोर्ट एक महीना बीत जाने के बाद अभी तक न देकर तीसरी बार सैंपल भरवाने की बात कही जा रही है। इस कारण पिछले सवा महीने से तीनों टैंकर को सितारगंज डिपों में खड़ा कर लिया गया है।
डिपो प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते ट्रांसपोर्ट्स को भारी नुकसान के साथ ही चालक परिचालकों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में गजेंद्र सिंह, गुरनेक सिंह, रवि गुप्ता, संजय कुमार, सियाराम आदि मौजूद रहे। संवाद
चालक-परिचालकों की समस्या को लेकर सितारगंज डिपो प्रबंधन से बात की है। जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत करके समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
- नहने राम, एसडीएम
छोटेलाल दिवाकर।
छोटेलाल दिवाकर।