बरेली के हाफिजगंज क्षेत्र में संरक्षित पशु काटे जाने का मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार को गांव साबरखेड़ा के खेतिहर इलाके में पशुओं के अवशेष मिलने से लोगों में रोष फैल गया। सूचना पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन में जुटी रही। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पास के ही एक खेत में दो गोवंशीय पशु बंधे मिले। जिन्हें पुलिस की मौजूदगी में मुक्त कराया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से पशु तस्कर सक्रिय हैं, जो इलाके में संरक्षित पशुओं को काट रहे हैं।
हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव साबरखेड़ा के हिंदू जागरण मंच के जितेंद्र शर्मा पुजारी और आरएसएस प्रमुख खंड सेवा के टाकेश्वर प्रसाद ने बताया कि गांव के पास बहगुल नदी के किनारे खेतों में झांड़ियां हैं। जहां पर बृहस्पतिवार को बच्चे बेर तोड़ने गए तो वहां गोवंशीय पशु कटा पड़ा देखा। बच्चों ने ग्रामीणों को सूचना दी। जानकारी होने पर संगठन के लोग भी मौके पर पहुंच गए। वहां पर एक पशु का सिर व अवशेष पड़े देखे। आसपास खेतों में देखा तो पशुओं के कंकाल भी बिखरे पड़े थे।
खेत में बंधे मिले दो पशु
जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इस पर हल्का दरोगा नितेश चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। वहां मौजूद लोगों ने घटना पर विरोध जताया। इस बीच एक खेत से पशुओं की आवाज पर संगठन के लोग उधर भी देखने गए तो वहां पर दो गोवंशीय पशु बंधे मिले। इन पशुओं को पुलिस की मौजूदगी में मुक्त कराया गया। संगठन के लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।