फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती अटकी, जिले में खाली पड़े हैं 311 पद

Thu, 29 Aug 2024 07:49 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में 2857 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 311 खाली पद रिक्त हैं। इसके लिए करीब 1500 महिलाओं ने मार्च में आवेदन किए थे। अब यह नियुक्तियां अटक गई हैं। 
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्तियां अटक गईं। आवेदक महिलाएं इंतजार में परेशान हो रही हैं। उन्हें उम्मीद थी कि गांव में मानदेय के आधार पर सेवा करने का अवसर मिलेगा लेकिन महीनों बीत गए, अब तक यही स्पष्ट नहीं है कि नियुक्ति होगी या नहीं। होगी तो कब तक। यह स्थिति तब है जब खाली पदों के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्रभावित हो गया है।

विज्ञापन


जिले में 2857 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। सबसे अधिक 55 पद शहर में खाली पड़े हैं। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 311 खाली पद रिक्त हैं और इनके लिए करीब 1500 महिलाओं ने मार्च में आवेदन किए थे। अप्रैल में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने पर नियुक्ति प्रक्रिया अटक गईं थीं। आचार संहिता खत्म हुए नियुक्तियां होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब तक न तो यह बताया जा रहा है कि कब तक नियुक्तियां होंगी। न ही देरी की वजह स्पष्ट हो रही है।


आवेदन हो चुके हैं और अब नियुक्तियों का पोर्टल बंद है। नियुक्तियों के संबंध में शासन स्तर के निर्देशों का पालन कराएंगे। जहां पद खाली हैं वहां पर अतिरिक्त कार्यभार देकर काम चलाया जा रहा है। - मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग

विज्ञापन

हर रोज संचालित नहीं होते शहर के आंगनबाड़ी केंद्र
शहर की एक आंगनबाडी कार्यकर्ता के पास एक से अधिक केंद्र का कार्यभार है। इसलिए हर रोज केंद्र का संचालन नहीं हो पाता है। अलबत्ता विभागीय अधिकारियों ने अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। असल मुश्किल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की है। 

एक ही समय में दो दो जगह आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन कैसे करें। आम तौर पर आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका के जरिए केंद्र संचालित कराती हैं लेकिन कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां पर सहायिका भी नहीं है। ऐसे केंद्र सिर्फ पोषाहार वितरण के दिन खुलते हैं।
विज्ञापन

12 साल से नहीं हुईं नियुक्तियां
आंगनबाड़ी में 12 साल से नियुक्तियां नहीं हुईं। साल-दर-साल पद खाली होते रहे। क्यारा विकास खंड में विकासखंड करेली, महेशपुर ठाकुरान में पद खाली है। क्यारा की सीडीपीओ राखी गुप्ता का कहना है कि उन केंद्रों पर दिक्कत ज्यादा है जहां सहायिका और कार्यकर्ता दोनों के पद खाली हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें