हर रोज संचालित नहीं होते शहर के आंगनबाड़ी केंद्र
शहर की एक आंगनबाडी कार्यकर्ता के पास एक से अधिक केंद्र का कार्यभार है। इसलिए हर रोज केंद्र का संचालन नहीं हो पाता है। अलबत्ता विभागीय अधिकारियों ने अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। असल मुश्किल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की है।
एक ही समय में दो दो जगह आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन कैसे करें। आम तौर पर आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका के जरिए केंद्र संचालित कराती हैं लेकिन कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां पर सहायिका भी नहीं है। ऐसे केंद्र सिर्फ पोषाहार वितरण के दिन खुलते हैं।
12 साल से नहीं हुईं नियुक्तियां
आंगनबाड़ी में 12 साल से नियुक्तियां नहीं हुईं। साल-दर-साल पद खाली होते रहे। क्यारा विकास खंड में विकासखंड करेली, महेशपुर ठाकुरान में पद खाली है। क्यारा की सीडीपीओ राखी गुप्ता का कहना है कि उन केंद्रों पर दिक्कत ज्यादा है जहां सहायिका और कार्यकर्ता दोनों के पद खाली हैं।