बरेली। निजी अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पथरी के ऑपरेशन के लिए पहुंचे युवक को अप्रशिक्षित कर्मी ने एनेस्थीसिया लगा दिया और डॉक्टर ने गलत नस काट दी। परिजन ने सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीते दिनों पेट दर्द से निजात के लिए अस्पताल पहुंची युवती की डॉक्टर ने आंत निकाल दी थी।
बिथरी के मनेहरा निवासी शरीफ अहमद के मुताबिक, भाई रईस अहमद के पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के लिए वे हरूनगला स्थित निजी अस्पताल पहुंचे थे। वहां 21 हजार रुपये एडवांस जमा कराए। आरोप है कि ऑपरेशन के लिए एनेस्थेटिक को नहीं बुलाया गया। अप्रशिक्षित कर्मी ने इंजेक्शन लगा दिया। फिर डॉक्टर ने ऑपरेशन कर डिस्चार्ज कर दिया।
घर पहुंचने तबीयत और बिगड़ गई तो वह भाई को दूसरे निजी अस्पताल ले गए। वहां पता चला कि गलत नस काट दी गई है। फिर जहां ऑपरेशन हुआ था, वहां पहुंचे तो डॉक्टर ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए दवाएं देकर घर भेज दिया, पर हालत बिगड़ती रही। आरोप है कि डॉक्टर ने भाई से अंगूठा लगवाकर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मरीज का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन आरोप निराधार हैं। ऑपरेशन में कोई गड़बड़ी नहीं की। अगर तबीयत बिगड़ेगी तो मरीज को फिर आना पड़ेगा।