बरेली। सुभाषनगर (वार्ड-21) में विकास तो कराया गया, लेकिन जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पाई। जरा सी बारिश में यहां के लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। रेलवे पुलिया के नीचे पानी भरने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। अमर उजाला की ओर से रविवार को आयोजित वार्ड संवाद में स्थानीय नागरिकों ने ये समस्याएं बताईं।
कुश शर्मा ने बताया कि मुख्य रोड को बनवा दिया गया है, लेकिन सुभाषनगर में सबसे बड़ी समस्या अंडरपास न होने से है। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि अंडरपास बनवाने का दावा करने है, लेकिन बाद में कोई यहां झांकने तक नहीं आता। हर्षित आनंद ने बताया कि डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन वाली गाड़ियां नियमित नहीं आती हैं। इससे घरों में गंदगी रहती है। संकरी गलियों में बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। वहां ठेले कूड़ा उठाने पहुंचते हैं।
पंकज ने बताया कि रेलवे की जमीन पर साफ-सफाई न होने के कारण लोग वहां कूड़ा डाल देते हैं। यहां बेसहारा पशु भी घूमते रहते हैं। दो महीने पहले ही गोवंशीय पशु के हमले में महिला जख्मी हो गई थी। रेलवे स्टेशन के पीछे वाले गेट पर पशु डेरा जमाए रहते हैं। निगम को टीम भेजकर इन्हें पकड़वाना चाहिए।
राकेश ने बताया कि वार्ड की मुख्य सड़क अतिक्रमण की जद में है। त्याेहारों के दौरान यहां जाम लगता है। निगम को अतिक्रमण हटाकर रोड को कब्जामुक्त कराना चाहिए। वार्ड में निगम की ओर से अमृत पार्क बनाया जा रहा है।
जलभराव की समस्या का नहीं हो पा रहा समाधान
सुभाषनगर बसने के बाद से ही यहां जलभराव सबसे बड़ी समस्या है। कोई इसका समाधान नहीं करा पाया। यहां अंडरपास की आवश्यकता है। - सुनील वर्मा, एडवोकेट
वार्ड में कई जगह गहरे नाले हैं। बारिश के दौरान ये नाले उफान पर होते हैं। खतरे की आशंका रहती है। नगर निगम को इन्हें ढकवाया जाना चाहिए। - सुरेश चंद्र वर्मा
वार्ड में अतिक्रमण की समस्या सबसे बड़ी है। मुख्य मार्ग भी अतिक्रमण की जद में है। नगर निगम को यहां अभियान चलाकर अतिक्रमण को हटाना चाहिए। - देवेंद्र सिंह
15 करोड़ के काम कराने का दावा
वार्ड के विकास के लिए लगातार काम कराए जा रहे हैं। एनकैप, विधायक निधि, 15वे वित्त से करीब 15 करोड़ रुपये के काम कराए जा चुके हैं। कई काम प्रस्तावित भी हैं। - शालिनी वर्मा, पार्षद