अलीगंज (बरेली)। थाना क्षेत्र के गांव कैनी इंचौर झूनानगर में बुधवार सुबह घर के सामने खेल रहे दो साल के मासूम बच्चे की नाले में डूबकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने नाले पर स्लैब न होने की वजह से मौत की बात कहकर नाराजगी जताई तो पुलिस ने उन्हें मनाकर शव पोस्टमॉर्टम को भेजा। सुनील दो बहनों का अकेला भाई था।
तेजपाल ने बताया कि सुबह साढ़े दस बजे उनकी पत्नी अनारकली घर में खाना बना रही थीं। वह और उनका बेटा सुनील दोनों एक चारपाई पर सो रहे थे। इस दौरान सुनील घर के बाहर खेलने लगा और आठ कदम दूरी पर बने 400 मीटर लंबे और पांच फुट गहरे नाले में गिर गया। नाले में डूबकर उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त तेजपाल की मां कमला देवी वहां मौजूद थीं, लेकिन वह नेत्रहीन होने की वजह से सुनील को नाले में गिरता न देख सकीं। उनकी पत्नी खाना बना रही थी, जबकि तेजपाल सो रहे थे।
तेजपाल के भाई बीरेंद्र की दुकान में किराए पर रहने वाले राहुल ने जब सुनील का शव नाले के पानी में उतराता देखा तो परिवार को घटना की जानकारी दी। तब घर में सब रोने लगे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। नायब तहसीलदार दीपक कुमार के साथ राजस्व टीम और थाना पुलिस ने मौका मुआयना किया। अधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने गुस्सा जताया और खुले नाले पर स्लिप डलवाने की मांग की। जल्द नाले के ऊपर स्लिप डलवाने के आश्वासन के बाद शव पोस्टमाॅर्टम को भेजा गया।
मजदूरी करते हैं तेजपाल
- तेजपाल तीन भाई हैं जिन पर कुल दो बीघा जमीन है। इसलिए परिवार चलाने को तेजपाल मजदूरी करते हैं। उनकी दो बेटियां सोनम (6) व प्रीति (4) हैं। सुनील उनका इकलौता बेटा और सबका लाड़ला था।
-
दो साल पहले बना था नाला, आज तक नहीं डला स्लिप
ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव का पानी तेजपाल के घर से थोड़ी दूरी स्थित तालाब में आता है। जब तालाब भर जाता था तो पानी इधर-उधर बहने लगता था। इस कारण ग्राम प्रधान मुकेश दिवाकर ने दो साल पहले तालाब से लेकर रामलीला ग्राउंड के गेट से पांच मीटर आगे लगभग 400 मीटर तक नाले का निर्माण करवाया। बावजूद उसके ऊपर स्लैब आज तक नहीं पड़ सकी जिसकी वजह से बच्चे की जान चली गई। वहां से पानी का निकास बंद है। पानी निकास के लिए सड़क के नीचे पुलिया बनाई गई जिसका पानी टंकी परिसर की चहारदीवारी में भर जाता है।