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सैन्य ने हमें नहीं भगाया, बल्कि सुरक्षित वैष्णो धाम तक पहुंचाया

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बरेली। ‘केंद्र सरकार के निर्देश पर शुक्रवार की देर शाम सेना के कई जवान अमरनाथ यात्रियों और लंगर संचालकों के पास पहुंचे। उन्होंने तत्काल सामान समेटने और वापस जाने को कह दिया। थोड़ी देर बाद फिर सेना की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) पहुंची और उन्होंने पंडाल का सारा सामान सुरक्षित रखवाने के बाद सैन्य सुरक्षा घेरे में सुरक्षित वैष्णो धाम तक पहुंचाया। ये कहना है बरेली-बदायूं से अमरनाथ यात्रियों के लिए निशुल्क लंगर वितरित करने वाली टीम के प्रधान संजय पाराशरी का।
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श्री शिव शक्ति मानव सेवा समिति बरेली-बदायूं के प्रधान संजय पाराशरी ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 13वीं बार बालटाल से दो किमी. दूर स्थित दोमेल में लंगर का पंडाल लगाया था। बताया कि शुक्रवार देर शाम अचानक जब सेना की क्यूआरटी ने तत्काल सामान समेटने को कहा तो सभी घबरा गए। किसी बड़े हादसे की आशंका को लेकर शुरू हुई चर्चाओं ने लोगों के मन अनजाने डर से भर गया। एक साथ पचास से ज्यादा लोगों की टीम और उनका सामान समेत लंगर के लिए लगाए गए पंडाल को समेटना किसी चुनौती से कम नहीं था। सामान कैसे समेटेंगे और कहां रखेंगे इस बाबत कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। बताया कि इसी बीच क्यूआरटी राउंड लेकर वापस पंडाल पर आई और जवानों ने सामान समेटने में मदद की। साथ ही, पूर्व निर्धारित घाटी स्थित गगनगिर तक पहुंचाकर रखवाया। इसके बाद शुक्रवार की रात में ही सैन्य जवानों के घेरे में वे रवाना हुए और मां वैष्णो धाम तक सुरक्षित पहुंचे हैं।
खतरा टला, अब सब सुरक्षित हैं
उन्होंने बताया कि उनकी टीम में बरेली, भोजीपुरा, पीलीभीत, आगरा, मुूरादाबाद फर्रुखाबाद के लोग शामिल हैं। इसमें सबसे ज्यादा बरेली और बदायूं से हैं। बताया, दोमेल से निकलने के बाद फोन चार्ज नहीं हो सके। वहीं, सुविधा मिलने पर सब की सहमति से उनका और एक अन्य साथी का ही फोन चार्ज किया गया। ऐसे में टीम के सभी 50 लोगों के घरों से रात में ही कॉल आने लगी। देर रात तक यात्रा के दौरान परिजन पल-पल की खबर लेते रहे। बताया कि शनिवार की दोपहर जब वे वैष्णो पहुंचे तो सभी के परिजनों को बारी-बारी से जानकारी दी गई ताकि वे घबराएं नहीं।
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बरेली से ये लोग पहुंचे अमरनाथ
लंगर की टीम में बरेली से कुदेशिया निवासी मुनीष मौर्य, जौहरपुर के परमानंद मौर्य, बिहारीपुर के ओम प्रकाश कश्यप, जनकपुरी के योगेश गौतम, गांधी पुरम के राजू गोस्वामी, कुदेशिया के अमित पाराशर, भूड़ के दीपक शर्मा, मथुरापुर के सुरेश मौर्या, भोजीपुरा के पंकज कटियार, खड़ौआ के हरीश गंगवार, हार्टमन के नितिन शर्मा, शास्त्रीनगर के गौरव सक्सेना समेत करीब 26 लोग 21 जून से अमरनाथ यात्रा के मार्ग दोमेल पर पहुंचने वाले अमरनाथ यात्रियों की सेवा कर रहे थे। फिलहाल ये सभी मां वैष्णो के धाम में चल रहे एक लंगर में सेवा कर रहे हैं। जो जल्द अपने घर पहुंचेंगे।
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