जितना खाना हो, उतना ही थाली में लें पुलाव
शिक्षाविदों का कहना था कि सौहार्द के प्रतीक सद्भावना पुलाव की तनिक भी बर्बादी न हो, इसलिए थाली में उतना ही लें, जितना खा सकें। जहां पुलाव वितरण होगा, वहां सफाई की व्यवस्था रहेगी।
आयोजन के सहयोगी स्कूलों के विद्यार्थियों से प्राप्त चावल से बना पुलाव वितरण के दिन संबंधित स्कूलों को पहुंचाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी भी सौहार्द का स्वाद चख सकें। इसके लिए स्कूलों में भी आयोजन होंगे।