बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के बहुभाषा विभाग में ताइवान विश्वविद्यालय प्रवेश व छात्रवृत्ति के लिए चयन में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद करने का आरोप लगा है। छात्र मोहम्मद अनस ने दिल्ली स्थित ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र (टीईसीसी) के निदेशक को पत्र लिखकर शिकायत की है। आरोप लगाया है कि योग्यता के बावजूद उसे और अन्य पात्र छात्रों को जानबूझकर दरकिनार कर अयोग्य उम्मीदवारों को चुना गया है।
छात्र अनस ने बताया कि ताइवान विश्वविद्यालय से सीधे आधिकारिक बुलावा पत्र मिलाता है। विभाग ने कथित तौर पर सात में से पांच पात्र छात्रों से साक्षात्कार का कार्यक्रम छिपाया। अनस किसी तरह 30 मिनट के साक्षात्कार में उपस्थित हो पाए। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया में हेरफेर किया गया था।
विभाग ने दो अयोग्य व्यक्तियों को छात्रवृत्ति दी है। एक विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारी की बेटी और दूसरा मानविकी विभाग में ही कार्यरत है। अनस को ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र (टीईसीसी) परिणामों की आधिकारिक घोषणा से पहले ही बता दिया गया था कि उनका चयन नहीं हुआ है।
इस मामले में बहुभाषा विभाग की समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी ने कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है। विभाग के शिक्षकों का इसमें हस्तक्षेप नहीं रहता है। वहीं, बहुभाषा विभाग की डीन प्रो. सुमित्रा कुकरेती ने कहा कि इस मामले में शिक्षकों से वार्ता की जाएगी।
टीईसीसी से हस्तक्षेप की मांग
शिकायतकर्ता ने टीईसीसी से चयनित उम्मीदवारों के वीजा और छात्रवृत्ति को तब तक रोकने का अनुरोध किया है जब तक एक स्वतंत्र जांच नहीं हो जाती। उन्होंने विश्वविद्यालय के बहुभाषा विभाग से सभी उम्मीदवारों के आधिकारिक साक्षात्कार मूल्यांकन पत्रक, चयन मानदंड और योग्यता अंक की मांग की है।