बरेली। उच्च न्यायालय और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बीएसए कार्यालय की ओर से दो सहायक अध्यापकों के स्थानांतरण का प्रकरण महीनों बाद भी नहीं निपटाया गया है। इससे परेशान होकर पीड़ित शिक्षकों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
सहायक अध्यापक मोहम्मद फहीम और सहायक अध्यापिका शशि गंगवार ने बताया कि उनका स्थानांतरण सचिव स्तर से स्वीकृत हो चुका है। बीएसए कार्यालय की ओर से उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। राहत न मिलने पर शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली थी। न्यायालय ने 11 फरवरी को बीएसए बरेली को मामले में स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।
अदालत के आदेश और जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद 30 अप्रैल को बीएसए कार्यालय में सुनवाई तो आयोजित हुई, लेकिन आज तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया। शिक्षकों का आरोप है कि वे लगातार दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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इन शिक्षकों का स्कूल मर्ज हुआ है। नियमानुसार जब तक दो स्कूलों का यू- डायस पोर्टल मर्ज नहीं होता तब तक एक शिक्षक को कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है। इस मामले में सभी निर्देशों का पालन किया जा चुका है। डॉ. विनीता, बीएसए