बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रवेशार्थी जितेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि सीटों की उपलब्धता के बावजूद विभागाध्यक्ष प्रवेश नहीं दे रही हैं। प्रवेशार्थी ने विभाग के डीन, कुलसचिव से शिकायत करने के साथ ही आईजीआरएस पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि एमए इतिहास की विभागाध्यक्ष प्रिया सक्सेना ने उन्हें 20 अगस्त को जानकारी दी कि सभी सीटें भर चुकी हैं। ये कहकर प्रवेश देने से मना कर दिया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसी दिन एमए इतिहास विभाग में कुल 52 सीटों पर प्रवेश हुए हैं। अभी भी आठ सीटें खाली हैं। इसमें से तीन सीटें ईडब्ल्यूएस व पांच सीटें ओपन श्रेणी की हैं।
कुलसचिव तक मामला पहुंचने के बाद विभागाध्यक्ष ने सीटें खाली होने की बात स्वीकार की। हालांकि, प्रवेश फिर भी नहीं दिया। मामले में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना ने बताया कि प्रवेशार्थी जितेंद्र पटेल ने हाल ही में पोर्टल पर आवेदन किया है। काउंसलिंग में उन प्रवेशार्थियों को वरीयता दी जाएगी, जो बीती काउंसलिंग में रह गए। अभी सीटों की गणना स्पष्ट नहीं हुई है।
द्वेष के चलते प्रवेश से वंचित रखने का आरोप जितेंद्र पटेल रुविवि के इंजीनियरिंग विभाग में 2023 तक कर्मचारी रहे हैं। रुविवि के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने जितेंद्र की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद वह कई शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल के साथ ही जनभवन तक कर चुके हैं। चर्चा है कि इसी के चलते उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा रहा। जितेंद्र ने भी द्वेष के चलते प्रवेश से वंचित रखने का आरोप लगाया है।