अब तक मुफ्त में सब स्टेशन चला रहे पॉवर कारपोरेशन को ये खबर परेशान करने वाली है। अब पॉवर कारपोरेशन को सब स्टेशनों का किराया नगर निगम को देना होगा। शासन ने नगर निगम से शहर में स्थापित बिजली सब स्टेशनों से हर महीने वसूले जाने वाले किराये का ब्योरा मांगा है।
शहरी सीमा क्षेत्र में 17 बिजली सब स्टेशन हैं। प्रत्येक सब स्टेशन आबादी के बीच में 15 सौ गज से ज्यादा सरकारी जमीन घेरे हुए है। पॉवर कारपोरेशन सब स्टेशन की जमीन का किराया भी नहीं दे रहा। 1250 से ज्यादा ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनका किराया भी नहीं दिया जा रहा है। नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी पॉवर कारपोरेशन निशुल्क जमीन की तलाश करता है। निशुल्क जमीन उपलब्ध न होे से चार नए स्वीकृत बिजली सब स्टेशन और एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसफार्मर लग नहीं पा रहे हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय से जारी शासनादेश की मानें तो अब पॉवर कारपोरेशन को बिजली सब स्टेशन और ट्रांसफार्मर चलाने के लिए लेने वाली जमीन का किराया देना होगा। स्थानीय निकाय निदेशक अविनाश कृष्ण ने सब स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों की जमीन से किराया वसूली का ब्योरा नगर निगम से मांगा है। अफसर अभी ये ब्योरा भेजने से बच रहे हैं क्योंकि अभी तक किसी भी सब स्टेशन या ट्रांसफार्मर से किराया वसूला नहीं जा रहा है।
कोट
अब तक बिजली सब स्टेशन से केवल संपत्ति कर लिया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों से किराया तय करने के लिए प्लानिंग करेंगे। ये प्रयास नगर निगम की राजस्व बढ़ोत्तरी के लिए किए जा रहे हैं
- ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त