बरेली। उर्स तहसीनी के दौरान मुस्लिमों की हालत पर दस सूत्री मुस्लिम एजेंडा ‘एहतेजाजनामा’ जारी किया गया। इसमें मुल्क में मुसलमानों की बदहाली और हुकूमत के उनसे बेपरवाह होने पर नाराजगी जताई गई। राष्ट्रपति को संबोधित यह एजेंडा जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा।
तमाम उलमा की रजामंदी से तैयार किए गए एहतेजाजनामा में मुस्लिम समस्याओं पर ध्यान देने के साथ मुसलमानों के सियासी और वित्तीय हालात बेहतर करने की बात रखी है ताकि मुसलमान भी वतन की तरक्की में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले सकें। खानकाह तहसीनिया के सज्जदानशीन मौलाना हस्सान रजा खां नूरी की ओर से भेजे गए एहतेजाजनामा में यह भी कहा गया है कि सभी चुनाव एक साथ हों ताकि सांप्रदायिक माहौल से पांच साल तक छुटकारा मिले।
एहतेजाजनामा में मीडिया का भी मुद्दा उठाया गया है। कहा गया है कि मीडिया की निष्पक्षता की गारंटी होनी चाहिए। मुसलमानों को नौकरियों और कारोबार में बढ़ावा दिया जाए। दरगाहों और मस्जिदों की हिफाजत पर भी गौरोफिक्र की जानी चाहिए। वक्फ वोर्ड में सुन्नियों को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। जानवर जिबह करने का काम भी सिर्फ सुन्नियों को दिया जाए और मीट की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाई जाए। मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया गया है। इसके अलावा मुस्लिम इलाकों में बैक खुलवाने और सफाई व्यवस्था बेहतर करने की मांग की गई है।