फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगंज पुलिस ने अब ठेकेदार के बेटे को पीटा, 28 हजार लेकर छोड़ा

विज्ञापन
नरेंद्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

पहले प्रधान से स्मैक बरामदगी का डर दिखाकर सात लाख वसूलने का लगा था आरोप
विज्ञापन

एसएसपी ने बिशारतगंज इंस्पेक्टर को सौंपी जांच, चौकी पुलिस ने नकारे आरोप

बरेली। प्रधान को स्मैक का डर दिखाकर सात लाख वसूलने को लेकर बदनाम हुई अलीगंज पुलिस पर अब एक ठेकेदार के बेटे को पीटने और फिर 28 हजार रुपये लेकर छोड़ने का इल्जाम लगा है। एसएसपी दफ्तर में शिकायत के बाद मामले की जांच बिशारतगंज इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। ठेकेदार के बेटे पर कोई केस दर्ज नहीं है, पुलिस अब शक में पूछताछ करने की बात कह रही है।
पिछले साल अलीगंज थाने में दो दरोगा और दो सिपाहियों ने प्रधान को स्मैक में फंसाने का डर दिखाकर उससे सात लाख की वसूली कर ली थी। इस मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। उनके खिलाफ रिपोर्ट भी हुई। अब बिशारतगंज के गांव भीकमपुर निवासी नरेंद्र सिंह ने अलीगंज पुलिस पर आरोप लगाए हैं। नरेंद्र के पिता नेत्रपाल बरखेड़ा शुगर मिल में गन्ना तौल ठेकेदार हैं। नौ अगस्त को नरेंद्र अपने दोस्त राजीव शर्मा और रवि सिंह के फार्म हाउस पर उनसे मिलने गया था। वहां अलीगंज थाने की गैनी चौकी के दो सिपाही आए और उसे जबरन बाइक पर बैठाकर गैनी चौकी ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप है कि वहां चौकी प्रभारी समेत सिपाहियों ने उसे बुरी तरह पीटा। बाद में उसके पिता को बुलवाकर छोड़ने के बदले 60 हजार रुपये मांगे। पिता ने किसी तरह 28 हजार का इंतजाम कर उसे छुड़वाया। नरेंद्र का कहना है कि उसके खिलाफ आज तक कोई रिपोर्ट या एनसीआर दर्ज नहीं हुई है। इस मामले में गैनी चौकी प्रभारी का कहना है कि नरेंद्र के पास मादक पदार्थ होने की सूचना मिली थी। उसे पकड़ा तो जांच में कुछ नहीं मिला। इस पर उसे छोड़ दिया गया। मारपीट या वसूली का आरोप गलत है।

इस तरह की सूचना मिली तो आंवला सीओ से जांच कराई गई। बताया जा रहा है कि उस वक्त युवक और उसके साथी ने वसूली का कोई आरोप नहीं लगाया। बाद में उन्होंने नई शिकायत की है, इस बारे में जानकारी नहीं है। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें