बरेली। लखनऊ में अलकायदा समर्थित संगठन अंसार गजवातुल हिंद के दो आतंकी पकड़े जाने के बाद प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी ने अभियान चलाकर ट्रेनों की चेकिंग की। संदिग्धों से पूछताछ की और सामान की तलाशी ली।
एटीएस ने रविवार को लखनऊ में अंसार गजवातुल हिंद के दो आतंकी मिनहाज अहमद और मशीरुद्दीन उर्फ मुशीर को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों आतंकी 15 अगस्त से पहले शहरों का दहलाने की साजिश बना रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही प्रदेश भर में अलर्ट जारी कर दिया गया। रविवार शाम बरेली जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। गंगा सतलज और अंत्योदय एक्सप्रेस में चेकिंग की गई। जंक्शन पर आने-जाने वाले लोगों के सामान की तलाशी ली गई, साथ ही संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। स्टाफ को भी सतर्क रहकर आने-जाने वालों पर नजर रखने की हिदायत दी गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिसौदिया ने बताया कि मुरादाबाद मंडल से मिले आदेश के तहत ट्रेनों की चेकिंग की जा रही है और यह क्रम जारी रहेगा।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बरेली
बरेली को सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां सेना के कई संस्थान होने के साथ ही एयरफोर्स, आईटीबीपी और बीएसएफ के केंद्र भी हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान आईवीआरआई, सीएआरआई के अलावा रेलवे का इज्जतनगर मंडल और इफ्को की बड़ी इकाई भी यहां मौजूद है।
पकड़ा जा चुका है आईएसआई का एजेंट
नवंबर 2015 में एसटीएफ ने पाकिस्तानी जासूस मो. इजाज उर्फ कलाम को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी मेरठ में कैंट स्टेशन से दिखाई गई थी। इजाज पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने के बाद फरवरी 2013 में भारत में घुसा था और दिसंबर 2014 में वह बरेली आ गया। यहां शाहबाद में किराये पर मकान लेकर वह फोटोग्राफी का काम करने लगा। इसी काम के जरिये सैन्य अफसरों के यहां भी उसकी घुसपैठ हो गई। वर्ष 2014 से नवंबर 2015 तक बरेली में रहने के दौरान उसने त्रिशूल एयरबेस एवं कई स्थानों की रेकी की। बताया गया कि यहां से काफी जानकारियां वह पाकिस्तान भी भेज चुका था।
किला से पकड़ा गया अलकायदा का एजेंट
वर्ष 2020 में एटीएस ने किला के कटघर इलाके से अलकायदा के एजेंट इनामुल हक को गिरफ्तार किया था। आसपास के लोगों के मुताबिक करीब तीस साल पहले उसका परिवार उत्तराखंड चला गया था मगर पकड़े जाने से ढाई साल पहले ही किरायेदारों से घर खाली कराकर वह यहां रहने लगा। सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियां संदिग्ध देखकर एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया था।
अन्य आतंकी घटनाओं से भी जुड़ा कनेक्शन
वर्ष 2007 में रामपुर के सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के मामले में बहेड़ी के एक व्यक्ति का नाम सामने आया था। बंगलूरू में हुए ब्लास्ट में शीशगढ़ के इरफान बंजारा का नाम सामने आया। इसके अलावा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट रमेश सिंह ने भी बरेली में रेकी की थी। वर्ष 2018 में शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री की किसान कल्याण रैली से पहले भी बहेड़ी के एक व्यक्ति को दिल्ली एटीएस ने गिरफ्तार किया था।