बरेली। बुलंदशहर में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत के बाद बरेली में भी आबकारी विभाग सतर्क हो गया है। शनिवार को आबकारी विभाग की टीम ने हाईवे पर ढाबों और होटलों में चेकिंग की। शराब की दुकानों को भी चेक किया गया।
पिछले साल 2020 में प्रदेश के कई जिलों में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। इस साल का नवंबर तो बेहद खराब रहा। 13 नवंबर को लखनऊ में बंथरा इलाके में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई थी। 17 नवंबर को फिरोजाबाद में शराब पीने से तीन लोगों की मौत हुई। 21 नवंबर को प्रयागराज के फूलपुर में शराब पीने से छह लोगों की मौत हुई। अब नए साल के पहले महीने के दस दिन भी नहीं गुजरे थे कि बुलंदशहर में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हो गई। शराब से हुई मौतों के बाद शासन स्तर से प्रभावित इलाकों के थानेदारों और आबकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने के कारण बुलंदशहर की घटना के बाद जिले में आबकारी विभाग सतर्क हो गया। शनिवार को हाईवे किनारे ढाबों पर चेकिंग कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। मीरगंज में देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों का भी स्टॉक चेक किया गया।
2020 में 11 सौ से ज्यादा मामले आए सामने
पुलिस और आबकारी विभाग के लाख दावों के बाद भी कच्ची शराब का अवैध धंधा जिले में नहीं रुक पा रहा है। आबकारी निरीक्षक अमित मिश्रा ने बताया कि 2020 में अवैध शराब के 11 सौ से ज्यादा मामले पकड़े गए, इनमें 500 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। इनमें 54 बड़े मामले थे। प्रेमनगर में पकड़ा गया मामला सबसे ज्यादा संगीन था जहां एक घर से अलग-अलग ब्रांड के साढ़े तीन लाख नकली ढक्कन, 200 लीटर स्प्रिट और अन्य सामान बरामद हुआ। यहां स्प्रिट से शराब बनाई जा रही थी। लॉकडाउन में स्प्रिट से बनी शराब जमकर बेची गई। दिसंबर में ही सिरौली थानाक्षेत्र में भी स्प्रिट से शराब बनाने का मामला सामने आया। यहां एक हजार ढक्कन और स्प्रिट बरामद हुई थी।