बच्चों को दें अच्छी परवरिश
सुब्हानी मियां ने मुसलमानों को नसीहत करते हुए कहा कि आला हजरत को दुनियाभर में इल्म की बुनियाद पर पहचाना जा रहा है, इसलिए अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करें। उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा (मजहबी तालीम) भी जरूर दिलाएं। अपने शहर व बस्ती में मदरसों के साथ स्कूल, कॉलेज व हॉस्टल बनाएं। बच्चों पर पैनी निगाह रखें। जब वो बालिग हो जाए तो बेहतर रिश्ता देखकर उनकी शादी करा दें ताकि वो गलत कदम उठाने से बचे।
उन्होंने कहा कि अपनी बच्चियों को दहेज की जगह विरासत (संपत्ति) में हिस्सा दें। शादियों में फिजूलखर्ची से बचें। गैर शरई रस्मों से बचते हुए सादगी के साथ निकाह करें। नौजवानों सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी से करें। ऐसी कोई भड़काऊ पोस्ट न करें, जिससे किसी समुदाय, पंथ, जाति की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। आला हजरत का पैगाम मुहब्बत है। इस पर कायम रहते हुए गुनाह, झूठ, बुरी सोहबत, नशाखोरी, लड़ाई-झगड़े जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर मुहब्बत और भाईचारा कायम रखें।