वाणिज्य कर विभाग ने शहर के प्रमुख मिष्ठान प्रतिष्ठान अजंता स्वीट्स पर छापा मारकर करोड़ों रुपये की टैक्स हेराफेरी पकड़ी है। घंटों हुई छापामारी में अवैध कारोबार संबंधी संदिग्ध अभिलेख मिले हैं। विभाग ने बहीखाते आदि जब्त कर लिए हैं।
वाणिज्य कर आयुक्त मुकेश मेश्राम ने पिछले दिनों कारोबार चिन्हित कर छापे लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत एडिशनल कमिश्नर बीपी सिंह ने सात छापा टीमें गठित कर पीलीभीत बाईपास स्थित अजंता मिष्ठान फैक्ट्री पर चेकिंग करायी। टीम में दो संयुक्त आयुक्त भी शामिल रहे।
मंगलवार सुबह संयुक्त आयुक्त एसएल दोहरे, एपी शुक्ला दल बल सहित पहुंचे। भारी तादाद में पहुंचे छापा दल देख अजंता कारखाने में अफरातफरी मच गयी। प्रतिष्ठान मालिक विरोध नहीं कर पाए। अफसरों ने कच्चा माल खरीद और तैयार खाद्य वस्तुओं की बिक्री संबंधी अभिलेख तलब किए तो कारखाना संचालक प्रस्तुत नहीं कर पाए। मिले अभिलेखों में पाया गया कि फर्म ने एक वर्ष में 3.60 करोड़ का कच्चा माल खरीदा और तीस प्रतिशत मुनाफा पर यानि 4.61 करोड़ रुपये में बेंच दिया।
संदिग्ध अभिलेख जब्त
एडिशनल कमिश्नर बीपी सिंह ने बताया कि अजंता स्वीट्स फर्म द्वारा शहर में दस फ्रेंचाइजी संचालित हैं। फर्म जांच में कच्चा माल खरीद और तैयार मिठाई आदि बिक्री संबंधी सही अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पायी है। ग्राहकों को भी कैश मीमो नहीं दिया जाता है। मौके पर तमाम इंवॉइस बिना नंबर मिले हैं। इससे साफ जाहिर है कि टैक्स चोरी करने के लिए बड़े स्तर पर अवैध कारोबार हो रहा था।
चार करोड़ की हेराफेरी
छापा दल को जो अभिलेख मिले हैं उससे प्रथमदृष्टया में चार करोड़ रुपये से ज्यादा की कर अवंचना बनती है। वाणिज्य कर अफसरों ने बताया कि फर्म को पक्ष रखने को नोटिस जारी किया जा रहा है। अफसरों ने बताया कि छापा प्रक्रिया जारी रहेगी।