बरेली। हवाई अड्डे को महंगे रेट पर बिजली सप्लाई की जा रही है, जबकि शासन से हुए एग्रीमेंट के तहत हवाई अड्डे को रियायती दर पर आपूर्ति होनी थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त महाप्रबंधक ने कॉमर्शियल रेट पर भेजे जा रहे बिल को लेकर आपत्ति जताते हुए नौ अक्तूबर को पावर कारपोरेशन देहात के एक्सईएन को चिट्ठी भेजी है।
निर्माणाधीन हवाई अड्डे पर मार्च में बिजली का कनेक्शन हो गया था। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत हवाई अड्डे को बिजली की सप्लाई कम रेट पर दी जानी है। जबकि एयरपोर्ट के संयुक्त महाप्रबंधक राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि पावर कारपोरेशन की ओर से मार्च से ही व्यावसायिक दर से बिजली के रेट लगाते हुए बिल भेज जा रहा है। जबकि पूर्व में पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को आरसीएस के तहत सरकार से हुए समझौते की कॉपी भी उपलब्ध कराई जा चुकी है। नौ अक्तूबर को उन्होंने फिर से इस मामले में आपत्ति जताते हुए पावर कारपोरेशन के एक्सईएन (देहात) सुशील गर्ग को चिट्ठी फिर से भेजी है। इस मामले में जबकि कारपोरेशन के एक्सईएन का कहना है कि शासन से कुछ औपचारिकता बाकी हैं। उनके पूरा होते ही बिल की रकम का समायोजन कर दिया जाएगा।