बरेली। बीडीए में तैनात रहे एक उपाध्यक्ष के दो साल से अधिक कार्यकाल में सिर्फ 296 वैध निर्माण हो पाए, लेकिन इसके उलट एयरफोर्स की एनओसी के बहाने सैकड़ों ऐसे अवैध निर्माण हो गए, जिनसे शहर का भूगोल ही बिगाड़ गया। इस मामले में शासन तक शिकायत पहुंचने के बाद कमिश्नर ने जांच कराई। हाल ही में बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने अपनी जांच रिपोर्ट भी कमिश्नर को सौंप दी है।
वर्ष 2016 से फरवरी 2019 तक बीडीए में कार्यरत उपाध्यक्ष के कार्यकाल में शासन से मानचित्र स्वीकृत करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हुई थी। इससे पहले अक्टूबर 2016 से सितंबर 2917 तक 300 मानचित्र जमा किए गए जिनमें से मात्र 94 मानचित्र ही स्वीकृत हुए। बाकी मामलों में अधिकांश निर्माण बगैर मानचित्र के ही हो गए। उसके बाद भी अवैध निर्माणों का सिलसिला नहीं रुका। अक्टूबर 2017 के बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले तक प्राधिकरण में 432 मानचित्र जमा हुए लेकिन एयरफोर्स की एनओसी न मिलने से 219 मानचित्र निरस्त हो गए। बीडीए से केवल 202 मानचित्र ही स्वीकृत हो सके। कुल मिलाकर बीडीए में इस अवधि में 723 मानचित्र दाखिल किए गए, जिनमें से मात्र 296 ही स्वीकृत हुए और बाकी आवेदन पत्र एयरफोर्स की एनओसी के अभाव में लटक गए। इस अवधि में एयरफोर्स एरिया के आसपास के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी बड़े पैमाने पर सैकड़ों अवैध निर्माण हो गए। न तो इन अवैध निर्माणों को तत्कालीन बीडीए वीसी रोक पाए और न ही बीडीए की टीम।
एयरफोर्स ने भी लगाया अड़ंगा
वैध निर्माण कराने में उस समय एयरफोर्स ने भी अड़ंगा लगाया। 29 फरवरी 2016 को विंग कमांडर सीनियर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बीडीए की ओर से एयरफोर्स एरिया के नजदीक हुए हाउसिंग कांपलेक्स पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के नियमों की जानकारी के लिए पत्र भेजा गया, जो उनसे भी पहले के बीडीए वीसी के कार्यकाल का है। इसमें एयर आफीसर कमांडिंग ने प्राधिकरण को जवाब भेजा कि 20 किलोमीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करने पर एयरफोर्स की एनओसी लेनी पड़ेगी। वैध निर्माण कराने वालों को एयरफोर्स की एनओसी नहीं मिली और अवैध निर्माण कराने वालों को एनओसी की जरूरत नहीं थी। बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गए। तत्कालीन बीडीए उपाध्यक्ष और उनकी टीम अवैध निर्माण नहीं रोक पाई।
शासन से शिकायत पर आई जांच के बाद मौजूदा वीसी ने कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट
इस मामले में शासन से की गई शिकायत के बाद इस मामले पर जांच के आदेश दिए गए। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस पूरे मामले पर बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल से रिपोर्ट मांगी। बीडीए वीसी ने कमिश्नर को अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी। इसमें यह बताया गया कि एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र का प्रकरण पहले का है। तत्कालीन बीडीए वीसी ने प्राधिकरण बोर्ड और शासन से एयरफोर्स प्रतिबंधित एरिया में भवन निर्माण के मानचित्र स्वीकृत करने के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया गया। उसी के अनुरूप कार्रवाई हुई। इसमें नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया।
मंडलायुक्त ने पुराने कार्यकाल में बीडीए में आवेदन के बाद स्वीकृत किए गए मानचित्रों पर आख्या मांगी थी। वह आख्या पुराने रिकार्ड के आधार पर उनको भेज दी गई है। मेरे पास किसी तरह की कोई शिकायत नहीं आई थी।
- दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए