बरेली। डॉक्टर, नर्सिंग और पुलिस यूं तो ये तीनों सेवाएं ऐसी हैं जिनमें इंसानियत के लिए बहुत कुछ करने की गुंजाइश है लेकिन सैकड़ों डॉक्टरों और पुलिस वालों में से शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि उनके जीवन में मानवता के लिए विशिष्ट योगदान करते हुए ऐसा भी मौका आएगा जब सीमाओं पर देश के लिए जान की बाजी लगाने वाली सेना भी उन्हें सलाम करेगी। रविवार की दोपहर वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने कोरोना योद्धाओं पर जब आसमान से फूलों की बारिश की तो वे गर्व से भर उठे। सीएमओ ने उम्मीद जताई कि वायुसेना की यह पहल कोरोना योद्धाओं में नई ऊर्जा, हिम्मत, जोश और जज्बा भरेगी।
वायुसेना को कोरोना योद्धाओं पर फूलों की बारिश कर उनका सम्मान करने का आदेश मुख्यालय से मिला था। इसके बाद वायुसेना ने बरेली में इसके लिए 1:10 से 1:15 के बीच का समय नियत किया। करीब एक बजे वायुसेना के त्रिशूल एयरबेस से दो एएलएच यानी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी। मिलिट्री हॉस्पिटल के बाद जिला अस्पताल, सेटेलाइट और आईवीआरआई में कोरोना से जंग लड़ रहे योद्धा बाहर खुले परिसर में इकट्ठे थे। हेलिकॉप्टरों ने ऊपर से जब उन पर फूलों की बारिश की तो नजारा देखने लायक था। कोरोना योद्धाओं के चेहरे गर्व से चमक उठे। उन्होंने भी हाथ हिलाकर वायुसेना को सलाम किया।
वायुसेना का हेलिकॉप्टर सबसे पहले मिलिट्री हॉस्पिटल के ऊपर पहुंचा, यहां मेडिकल स्टाफ पर फूलों की बारिश करने के बाद जिला अस्पताल परिसर के ऊपर आया। यहां अस्पताल का सारा स्टाफ इमरजेंसी के सामने इकट्ठा था और सीएमओ के साथ पूरी टीम मौजूद थी। कोतवाली पुलिस, कुछ पत्रकार व सफाईकर्मी भी यहां थे। एक राउंड लगाकर हेलिकॉप्टर ने उन पर पुष्पवर्षा की और फिर आगे निकल गया।
गोपनीय रखा गया कोरोना योद्धाओं के सम्मान का कार्यक्रम
वायुसेना की ओर से कोरोना योद्धाओं के सम्मान का यह कार्यक्रम मीडिया से पूरी तरह गोपनीय रखा गया। वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर डॉ. हर्ष की ओर से कोरोना योद्धाओं के लिए जारी एक संदेश में बाकायदा इसे साफ भी किया गया है। इस संदेश में यह भी कहा गया कि वायुसेना का यह सलाम सिर्फ उन योद्धाओं के लिए नहीं है जहां उसके हेलिकॉप्टर फूलों की बरसात कर रहे हैं बल्कि देश के सारे कोरोना योद्धाओं के लिए है। यह संदेश भी रविवार को इस कार्यक्रम से बमुश्किल एक घंटे पहले करीब 12 बजे जारी किया गया। जिला अस्पताल में इसके बाद आनन-फानन में सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल, एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार, आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. टीएस आर्या, एसएम डॉ. एके गौतम, डॉ. अजमेर सिंह, डॉ. हरीश चंद्रा, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा और दूसरी महिला चिकित्सक, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ समेत आईडीएसपी के संजय, अनिल, देव, शिवम, अरविंद समेत चौकी इंचार्ज चमन गिरी आदि प रिसर में इकट्ठे हुए।
पुलिस लाइन में कोरोना शहीदों को श्रद्धांजलि
सेना और पुलिस के अफसरों ने शहीद स्मारक पर चढ़ाए फूल
बरेली। वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने कोरोना योद्धाओं को फूल बरसाकर सलाम किया तो पुलिस लाइन में उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई जो कोरोना से जंग लड़ते हुए शहीद हो गए। पुलिस लाइन में सेना की इंजीनियरिंग रेजिमेंट और बरेली पुलिस की ओर से शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। उन स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिसकर्मियों और स्वच्छकारों को नमन किया गया जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने जीवन की आहुति दे दी। सेना की इंजीनियरिंग रेजिमेंट की ओर से यहां कमांडिंग ऑफिसर सचिन शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल विनीत देवदास, एसएसपी शैलेश पांडेय, एएसपी अभिषेक वर्मा, एसपी क्राइम रमेश भारतीय और एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार मौजूद रहे। आरआई हरेंद्र सिंह ने आयोजन की व्यवस्था की।
पुलिस ने किया रक्तदान तो बची गर्भवती महिला की जान
बरेली। लॉकडाउन में बरेली पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की। शहर के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत से गुजर रही शाहजहांपुर की एक गर्भवती महिला को खून देकर उसकी जान बचाई गई।
रविवार को शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील के गुनारा गांव की सरिता की जान मुश्किल में पड़ गई। गर्भवती सरिता बरेली के एक अस्पताल में भर्ती थीं और उन्हें बी पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की जरूरत थी। तीमारदारी में आए उनके देवर गौरव श्रीवास्तव को जब हर ओर से निराशा हाथ लगी तो उन्होंने एसएसपी शैलेश पांडेय का नंबर लेकर उन्हें कॉल की। बताया कि लॉकडाउन की वजह से परिवार का कोई सदस्य शाहजहांपुर से नहीं आ पा रहा है और रक्त लेने के लिए डोनर की व्यवस्था नहीं है। तब एसएसपी के आदेश पर आरआई हरेंद्र सिंह ने कांस्टेबल सोनू कुमार को पुलिस लाइन से अस्पताल भेजा। सोनू ने रक्तदान कर महिला की जान बचा ली।
40 दिन बाद जंक्शन पहुंची तीन मिलिट्री स्पेशल, टूटा सन्नाटा
बरेली। जंक्शन पर पूरे 40 दिन बाद कोई एक्सप्रेस ट्रेन रविवार दोपहर आकर रुकी। करीब 45 मिनट यहां ठहरी इस मिलिट्री स्पेशल को सैनिटाइज करने के साथ मिलिट्री हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जवानों का चेकअप भी किया। इसके बाद शाम चार और छह बजे दो और मिलेट्री स्पेशल और पहुंची, उन्हें भी यहां 45 मिनट रोककर सैनिटाइज किया गया।
जंक्शन पर दोपहर 1:45 बजे पर जबलपुर से जम्मू जा रही मिलिट्री स्पेशल आकर रुकी। ट्रेन में मौजूद जवान सामाजिक दूरी के लिहाज से एक-दूसरे से दो-दो मीटर के फासले पर बैठे हुए थे। जवानों के ट्रेन से उतरने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को सैनिटाइज कराया। इस बीच मिलेट्री हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम भी पहुंची जिसने सभी जवानों की थर्मल स्क्रीनिंग की। करीब 45 मिनट बाद दोपहर 2:30 बजे ट्रेन जम्मू के लिए रवाना हो गई।
इसके बाद दो और मिलेट्री स्पेशल जंक्शन पहुंचीं और इसी प्रक्रिया से गुजरकर आगे रवाना हो गईं। गौरतलब है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद ट्रेनों का ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। उस दिन भी सिर्फ वही ट्रेनें जंक्शन से गुजरीं जो अपने गंतव्य से चल चुकी थीं। रविवार को पूरे 40 दिन बाद पहली एक्सप्रेस ट्रेन जंक्शन पर रुकी तब कहीं प्लेटफार्म पर छाया लंबा सन्नाटा कुछ देर के लिए टूटा।
काठगोदाम से पटना भेजा गया सैनिटाइजर
बरेली। लॉकडाउन में लगातार पार्सल स्पेशल ट्रेनों के चलने का सिलसिला जारी है। रविवार को काठगोदाम स्टेशन से एक रेक सैनिटाइजर का पटना भेजा गया। इसके अलावा रोजा स्टेशन से एक रेक (21 बीसीएन वैगन) खाद का रुद्रपुर सिटी स्टेशन पर उतारा गया। संवाद