अप्रैल में ही गर्मी पूरे शबाब पर है। पारा 40 डिग्री को पार कर रहा है। इस सीजन में कई एसी बनाने वाली कंपनियां भी कूलर के बाजार में आ गई हैं। ये ब्रांडेड कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए जीवाणु मुक्त पानी के टैंक, टच स्क्रीन पैनल, मॉस्कीटो रेपेलेंट और रिमोट कंट्रोल जैसी खूबियां अपने उत्पादों में दे रही हैं। विभिन्न कूलरों के बारे में कंपनियों के दावे लुभाने वाले हैं।
महाराजा व्हाइटलाइन के रेंबो डेजर्ट सिरीज के कूलर बेहद शांत और एसी जैसी ठंडक दे रहे हैं। बाजार में यह कूलर 7199 रुपए से लेकर 15000 रुपये तक में उपलब्ध हैं। इस कंपनी के कूलर्स की अधिकतम टैंक स्टोरेज क्षमता 65 लीटर तक है। यह कूलर 750 स्कवायर फीट एरिया तक ठंडा कर सकते हैं। इसके साथ ही इसमें वॉटर लेवल अलार्म भी दिए गए हैं।
सिंफनी के एयर कूलर में मजबूत प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है। इसका कूलिंग एरिया अधिकतम 400 स्क्वायर फीट तक है। यह कूलर 6500 रुपये से लेकर 20000 रुपये तक में उपलब्ध हैं। इन कूलर की पानी स्टोरेज की क्षमता अधिकतम 110 लीटर की है। ये कूलर न्यूनतम 95 वाट और अधिकतम 365 वाट तक के हैं। यानी 95 वाट का कूलर आपके 500 वाट के इनवर्टर पर भी चल सकता है। सिंफनी के उत्पादों की दूसरा खासियतें डिजिटल टच स्क्त्रस्ीन, वॉयस एसिस्ट और मॉस्कीटो रेपेलेंट भी हैं।
केनस्टार वंडर कूल की स्टोरज कैपेसिटी 40 लीटर की है। यह 20 स्क्वायर मीटर कमरे को ठंडा कर सकता है। कीमत 9630 रुपए है। इस कूलर में बाजार में मिलने वाली घास के पैड भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
ओरिएंट इलेक्ट्रिक स्नोब्रीज अपने सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ है। इसमें बार-बार पानी भरने का झंझट नहीं है। इसमें ऑटो फिल सिस्टम लगा हुआ है साथ ही व्हील सपोर्ट भी है। कीमत 9625 रुपए है।
बजाज का जंबो साइज कूलर स्लीक डीसी 2014 छोटे या बड़े सभी प्रकार के रूम के लिए फिट है। यह 600 स्कवायर फीट क्षेत्र को ठंडा कर सकता है, वहीं इसका एयरफ्लो डिस्टेंस 70 फीट का है। इसकी टैंक स्टोरेज कैपेसिटी 54 लीटर की है। कीमत 9489 रुपये है।
एक टन एसी एक घंटे में 0.8 यूनिट खर्च करता है, जबकि एक कूलर उतने ही आकार के बराबर कमरे के लिए एक घंटे में 0.1 यूनिट खर्च करेगा। इसी प्रकार 1.5 टन एसी एक घंटे में 1.2-1.3 यूनिट खर्च करता है, जबकि एक एयर कूलर उतने ही आकार के बराबर कमरे के लिए एक घंटे में 0.12यूनिट खर्च करेगा।
- हरगुन सिंह, स्थानीय वितरक
ब्रांडेड कूलर को चलाने की लागत दो रुपये प्रति घंटा बैठती है। वहीं एसी के लिए यह दस रुपये प्रति घंटा है। फिर ये इंवर्टर से भी चलने में सक्षम होते हैं। करंट आदि लगने का भी भय कम होता है, ये आवाज भी नहीं करते।
- सरन पाल सिंह, होम एप्लाइंसेस वितरक
सभी दरवाजे और खिड़कियां को बंद करने के बजाय हवा की रफ्तार अच्छी रखें, इससे आपका कूलर अच्छा काम करेगा,। खिड़की के पास कूलर रखने से और ज्यादा लाभ होगा और कमरा तेजी से ठंडा हो जाएगा।
- हेमप्रीत सिंह, होम एप्लाइंसेस वितरक
ठंडा पैड इस्तेमाल करने का तरीका पानी अवशोषण और वाष्पीकरण की प्रक्त्रिस्या पर एक बड़ा प्रभाव डालता है। दो लोकप्रिय तरीके छत्ते और एस्पेन (लकड़ी ऊन) हैं। दोनों तरीकों में फर्क पानी अवशोषित और इसके माध्यम से हवा के पारित होने को सुविधाजनक बनाने की क्षमता है। एस्पेन पैड लगभग 85 फीसदी, जबकि मधुकोश पैड लगभग 75 फीसदी कुशल माना जाता है।
- परमदीप सिंह, होम एप्लाइंसेस वितरक