माता-पिता की गोद में रिद्धि सिद्धि
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बनाना चाहती हूं डॉक्टर
तीन साल में छह सर्जरी
एम्स में पिछले तीन साल में ऐसे छह जुड़वा बच्चों को अलग किया जा चुका है। एम्स के बाल शल्य चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. मीनू बाजपेयी ने बताया कि हमने कोरोना काल के बाद छह आपस में जुड़े हुए बच्चों को अलग किया है। इनमें एक बच्चे की सर्जरी तो 24 घंटे चली थी। एम्स ने कूल्हे, छाती और सिर से जुड़े हुए बच्चों को अलग किया है।
50 हजार में एक केस
दुनिया में जन्म लेने वाले हर 50 हजार बच्चों में एक ऐसा मामला आता है, जिनमें बच्चे छाती और पेट से आपस में जुड़े होते हैं। वहीं, एक लाख में ऐसा एक मामला सामने आता है जिसमें बच्चे सिर से आपस में जुड़े हों। ऐसे बच्चों को लेकर उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। एम्स में यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे मरीजों को तुरंत यहां आना चाहिए।
फरीदपुर में फुटवियर व्यापार का करते हैं पिता
बच्चियों के पिता अंकुर गुप्ता की फरीदपुर में ही फुटवियर की दुकान है। बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब पांच लाख रुपये का खर्च आया है। पत्नी इस 11 महीने के दौरान बच्चों के साथ एम्स में ही रहीं। अंकुर भी इस दौरान दिल्ली में ही रहे।