बरेली। एक माह से जिले में धान खरीद हो रही है, लेकिन सिस्टम की नाकामी का हाल यह है कि अब तक सिर्फ 13 प्रतिशत ही धान खरीदा गया है। चार दिनों पहले शासन के दूत ने जिले में धीमी चल रही धान खरीद पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पीसीएफ, कल्याण निगम, एफसीआई, राज्य खाद्य निगम जैसी एजेंसियाें के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसका खुलासा सोमवार दोपहर में औचक निरीक्षण में हुआ। यह निरीक्षण मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही किए गए थे। क्रय केंद्रों पर स्थिति यह है कि कहीं पंखा नहीं हैं तो कहीं नमी मापने वाले उपकरण गायब हैं। किसानों को नमी ज्यादा बताकर लौटाया जा रहा है, जबकि बिचौलियाें का धान तौला जा रहा है। पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, एफसीआई जैसी खरीद एजेंसियों की स्थिति यह है कि यह निर्धारित का दो प्रतिशत भी धान नहीं खरीद पाई हैं।
सरकारी खरीद योजना पर पूरी तरह आढ़ती और राइस मिलर हावी हैं। इसलिए किसान खुले बाजार में धान सरकारी दरों से पांच रुपये कम पर बेंचने को मजबूर हैं। जिले में सिर्फ 12,700 किसानों ने धान बेंचने के लिए पंजीकरण कराया है, इनसे ही करीब 1.56 लाख मैट्रिक टन धान खरीदा जाना है। जबकि विपणन शाखा आदि को छोड़कर ज्यादातर एजेंसियां खरीद योजना में रुचि नहीं ले रही हैं।
एक प्रतिशत खरीद
प्रादेशिक सहकारी संघ (पीसीएफ), भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और कर्मचारी कल्याण निगम ने आवंटित लक्ष्य से करीब एक प्रतिशत ही खरीद की है। पीसीएफ ने खरीद केंद्रों पर धनराशि ही उपलब्ध नहीं कराई है, इससे उसके केंद्रों पर खरीद ही ठप है।
खरीद केंद्र बंद मिले
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले भर में एसडीएम से क्रय केंद्र चेक कराए गए। आकस्मिक चेकिंग में ज्यादातर केंद्र बंद मिले और खरीद भी ठप थी। शेरगढ़ में एसएफसी, फलवईया, अंबरपुर में कल्याण निगम का केंद्र बंद मिला। गंगापुर चौराहा और परधौली पीसीएफ केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही थी। हरदासपुर में विपणन और सुकटिया में पीसीयू केंद्र पर भुगतान नहीं किया जा रहा था।
एक कांटा पर तीन सौ
कुंतल का तौल लक्ष्य
खाद्य आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि एक कांटे पर तीन सौ कुंतल प्रतिदिन तौल होना अनिवार्य है। इसके साथ ही सभी केंद्रों पर लेखपालों से खरीद योजना में सहयोग और एसडीएम हर दिन समीक्षा करेंगे। सोमवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग में खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने जिले में धान खरीद प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी/ केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र पर पहुंचने वाला एक भी किसान वापस नहीं लौटना चाहिए।
जिले में केंद्र 79
लक्ष्य 1,56,500 मैट्रिक टन
अब तक खरीद 20,892
खरीद प्रतिशत 13
लाभार्थी किसान 2,503
पंजीकृत किसान 12,700
नवाबगंज। मंडी यार्ड तीन, ईध जागीर, सरदार नगर मजरा परौधी, कमला पुर, बरखन आदि गांवों में क्रय तो खुले हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। विपणन शाखा और एसएफसी केंद्र पर तौल होती मिली। ज्यादातर केंद्रों पर नमी के नाम पर किसानों को लौटा दिया जाता है। केंद्र प्रभारी रश्मि शर्मा ने बताया कि तीन दिन से खाली से बैठे हैं किसान धान लेकर नही आ रहे हैं। जवकि भदपुरा ब्लाक के किसी भी क्रय केन्द्र पर तौल नही हो रही है। किसान मंडी यार्ड में खुले क्रय केंद्र पर धान ला रहे हैं। एसएफसीधान क्रय केन्द्र पर 2600 कुन्तल की धान की खरीद बताई गई।
हरदासपुर केंद्र पर एक माह में कोई खरीद नहीं
आंवला। क्रय केंद्राें पर भुगतान धानराशि के अभाव के साथ ही कांटा, बारदाना, नमी मापक यंत्र और पंखा आदि का अभाव दिख रहा है। एसडीएम ने सोमवार को निरीक्षण के दौरान नाराजगी भी जताई। देवचरा केंद्र पर अभिलेख पूर्ण नहीं थे, इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सही करने के निर्देश दिए। एसडीएम आंवला मंडी में किसान के बैठने और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था ना होने पर नाराजगी व्यक्त की यहां कांटा देखने के बाद भुगतान के बारे मे जानकारी ली तो किसान आसपुर के मंटे सिंह,अंगूरा देवी ने बताया कि भुगतान नही मिल पा रहा है। ब्लाक रामनगर के हरदासपुर धान क्रय केंद्र पर अब तक खरीद शुरू न होने की जानकारी मिलने पर उप जिला अधिकारी ने मौजूदा स्टाफ को हड़काया। एसडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया सभी केंद्रों की जांच कर इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
उत्तराखंड को तस्करी
बहेड़ी। यहां से कारोबारी सस्ता धान खरीद कर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड सप्लाई कर रहे हैं। उधर, किसानों के आन लाइन पंजीकरण में नैनीताल बैंक व उत्तराखंड की बैंको के नाम न आने से किसानों का धान सरकारी खरीद केंद्रो पर नही तुल रहा है। इसलिए भारी मात्रा में उत्तराखंड के व्यापारी यहां से धान खरीद कर रहे हैं। किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
एसडीएम ने मारा छापा
रिछा। एसडीएम ने छापामार कार्रवाई में पाया कि मंडी समिति में बने धान क्रय केंद्रों पर 3500 मैट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3520 कुंटल धान क्रय किया गया है। जबकि एसएफसी धान क्रय केंद्र पर दस हजार कुंतल के सापेक्ष 1433 कुंतल धान खरीदा गया है। तराई का क्षेत्र होने के चलते यहां धान में खासी नमी है।